दोस्त की बहन के साथ मज़े

हैल्लो दोस्तों, में पहली बार अपनी कहानी आपके साथ शेयर कर रहा हूँ. यह आज से 2 साल पहले की सच्ची घटना है, जब में 12वीं क्लास में था. अब पहले में आपको अपने बारे में बता दूँ. मेरी उम्र 21 साल है और ये बात आज से 2 साल पहले की है, मेरी हाईट 5 फुट 7 है और में काफ़ी सुंदर भी हूँ. चलो अब बातें तो बहुत होती रहेगी, अब में मुद्दे की बात पर आ जाते है.
एक बार में और मेरा दोस्त मोहन मेरे घर पर पढाई कर रहे थे, में पढाई में हमेशा उससे आगे रहता था और वो हमेशा मुझसे ही पढ़ता था. फिर एक दिन मोहन मुझसे कहने लगा कि यार तू सब चीज़ में उस्ताद है और पढाई में तो बहुत ही अच्छा है और पढाई में मेरी मदद भी करता है, यार तू मेरा एक काम करेगा क्या? तो मैंने उससे पूछा कि क्या काम है? तो उसने कहा कि यार तू सपना को भी पढाई में मदद कर दे, सपना जो उसकी छोटी बहन का नाम था, जो उसके साथ किराए के मकान में रहती थी.
फिर मैंने कहा कि यार जैसे तेरी छोटी बहन मेरी छोटी बहन जैसी है, में उसे पढ़ा दूँगा तो अगला दिन सलेक्ट हुआ कि हम उसके घर में पढेगें, तो रात को ठीक 8 बजे में उसके घर पहुँच गया. फिर उसकी छोटी बहन सपना ने दरवाजा खोला और मुझसे पूछा कि आप कौन है? तो मैंने उसे बताया कि में मोहन का दोस्त हूँ और आज हम लोग आपके घर ही पढ़ेंगे.
फिर उसने मुझे अंदर आने के लिए कहा और में जाकर सोफे पर बैठ गया, लेकिन वहाँ पर मुझे मोहन नहीं दिखाई दिया तो मैंने उससे पूछा कि मोहन कहाँ है? तो उसने बताया कि वो कहीं गये है, अभी आते ही होंगे. फिर मैंने उससे फोन करके पूछा कि भाई तू कहाँ है? तो उसने मुझसे कहा कि भाई उसे आने में थोड़ी देर हो जाएगी और वो सपना को पढ़ाना स्टार्ट कर दे और में 1-2 घंटे में आ जाऊंगा.
फिर मैंने उसके कहने के बाद सपना से कहा कि में तुम्हें पढ़ाने आया हूँ, तो वो अपनी बुक लेकर मेरे साथ सोफे पर बैठ गयी और मैंने उसे पढ़ाना शुरू कर दिया. तभी अचानक मेरा ध्यान उसके बूब्स पर चला गया, लेकिन पहली ही नज़र में मेरे दिल ने कह दिया कि अब तो इसके साथ सुहागरात मनानी है, क्या गजब की ब्रेस्ट थी उसकी? और उसने अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी, क्या मोटी-मोटी चूचीयां थी उसकी? बस अब तो मेरे मन में आ ही चुका था कि आज तो सुहागरात मनानी है चाहे कुछ भी हो जाए.
तभी मैंने फिर से मोहन को फोन किया कि भाई तू कहाँ है? और कब तक आएगा? तो मोहन ने जवाब दिया कि यार आज रात शायद ना आ पाऊं तो तू वहीं पर सो जाना और सुबह चले जाना और उसने अपनी बहन से भी यही कह दिया. फिर क्या था? अब मेरी तो समझो जैसे लॉटरी लग गयी थी.
फिर पढ़ने के बाद में सपना से इधर उधर की बातें करने लग गया. फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्या? तो उसने कहा कि कोई उससे दोस्ती ही नहीं करता, क्योंकि सब दोस्त कहते है कि तू कुछ नहीं जानती है.
तो मैंने कहा कि तो इसमें क्या है? वो सब कुछ में तुम्हें सिखा दूँगा अगर तुम्हें कोई प्रोब्लम ना हो तो, फिर वो तुरंत मान गयी और तब मैंने उससे कहा कि पहले तो वो अपने कपड़े उतारे, तो वो थोड़ा घबरा गयी और तब मैंने उसे समझाया, तो वो मान गयी.
फिर क्या था? मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और फिर उसके लिप्स पर किस स्टार्ट की और फिर मैंने उसकी पेंटी में अपना हाथ डाल दिया, तो वो सिसकियां भरने लगी. फिर तब में समझ गया कि वो गर्म हो चुकी है और अब लंड डालने में मज़ा आएगा.
फिर मैंने उससे पूछा कि कुछ हो रहा है? तो उसने कहा कि हाँ मुझे नशा हो रहा है. तब मैंने उससे मेरा लंड अपने मुँह में लेने के लिए कहा और उससे यह भी कहा कि इससे नशा कम हो जाएगा है. हाए अब उसे और मुझे क्या मज़ा आ रहा था? फिर उसके बाद मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू किया और फिर क्या था? मेरा सुपाड़ा भी बस तैयार था, बस फिर मैंने इंतज़ार किए बिना उसकी चूत में अपना लंड डाल ही दिया और वो इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि बस मुझे तो लगा कि वो मर गयी है, लेकिन फिर बाद में उसे भी मज़ा आने लगा और वो आराम से ऊऊऊऊऊऊओहह करती हुई सब कुछ करवाती रही, जो में चाहता था. फिर उसके बाद हम बाथरूम में एक साथ नहाने गये. फिर वहाँ भी यही प्रोग्राम चला और फिर सारी रात यही प्रोग्राम चलता रहा. आज भी मेरा उससे संपर्क है, बस अब तो समझ लो कि वो मेरी हमेशा ना होने वाली बीवी है.
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पड़ोसन की चूत को चमका दिया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शंकर है और यह मेरी पहली कहानी है, जो मेरे साथ घटी एक सच्ची घटना है और जिसको में आज आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह आप लोगों को जरुर पसंद आएगी, वैसे में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और ऐसा करना मुझे बहुत अच्छा लगता है. दोस्तों में दिखने में ठीकठाक हूँ और बहुत गोरा भी हूँ.
दोस्तों यह बात आज से करीब दो साल पहले की है, जब मेरी बिल्डिंग में जिसमें में खुद रहता था और उसी में एक बहुत सेक्सी आंटी रहती थी, उनका नाम कविता था, वो दिखने में बहुत ही हॉट थी और उसके फिगर का आकार 34-32-36 था और वो मेरे फ्लेट के पास में रहती थी और उनके पति एम.आर. थे तो इसलिए वो ज्यादातर अपने घर से बाहर ही रहते थे और कविता आंटी का एक बेटा भी था, शायद वो तीसरी क्लास में पढ़ता था.
दोस्तों कविता जब भी मुझे देखती थी तो स्माईल करती थी और में अपने फ्लेट में बिल्कुल अकेला रहता था तो वो कभी कभी मुझे अपने यहाँ पर खाना खाने के लिए बुला लेती थी और उनके कहने पर में उनके घर पर चला जाता था और फिर जब वो मुझे खाना देने के लिए मेरे सामने आकर नीचे झुकती थी तो उनके बूब्स मेरे सामने आकर लटक जाते थे और में उनके बूब्स को लगातार घूर घूरकर देखता था और बहुत मज़े लिया करता था.
दोस्तों वो ज्यादातर बड़े गले की मेक्सी में ही रहती थी, जिसकी वजह से थोड़ा सा झुकने पर उनके बूब्स मेरे सामने लटक जाते थे और में हर दिन किसी ना किसी बहाने से उनके बूब्स को देखता था और उनके मस्त मज़े लेता था, में हर कभी उनके यहाँ पर चला जाता था और घूरकर उन्हें देखता था और में जब कभी भी उन्हें कहीं बाहर बाजार में कुछ लेने जाना होता था तो में उनके कहने पर उन्हें अपनी बाईक पर अपने साथ ले जाता था और फिर में जानबूझ कर ब्रेक मारता था और उनके पूरे मजे लेता था, लेकिन वो सब कुछ जानते हुए भी कभी भी मुझसे कुछ भी नहीं कहती थी, बस वो हमेशा मेरी तरफ मुस्कुराती रहती थी.
दोस्तों एक रात की बात है. उस दिन उनका पति घर पर नहीं था और उसके बेटे की तबियत अचानक से खराब हो गई तो उसने मुझसे बाजार से उसके लिए कुछ दवाई लाने के लिए बोला था. फिर में उनके कहने पर तुरंत दुकान पर चला गया और दवाई लेकर आ गया और फिर मैंने उनको वो दे दिया और अब मैंने उनसे कहा कि आंटी अगर आपको कोई ऐतराज ना हो तो में यहीं पर सो जाता हूँ, वैसे भी कल रविवार है और मुझे कल कॉलेज नहीं जाना है तो में यहीं पर रहता हूँ. फिर वो बोली कि मुझे इसमें कोई भी आपत्ति नहीं है, अगर ऐसा चाहते हो तो यहाँ पर रुक सकते हो और फिर में उनके मुहं से हाँ शब्द उनका जवाब सुनकर मन ही मन बहुत खुश हुआ और अब में मन ही मन उसे आज रात को चोदने का विचार करने लगा.
फिर में सबसे पहले बाथरूम में गया और मैंने उनके नाम की दो बार मुठ मारी और फिर में जानबूझ कर नाटक करते हुए वहीं पर ज़ोर से आह्ह्ह्ह की आवाज करते हुए गिर गया और ज़ोर से चिल्लाने लगा. मेरे गिरने चिल्लाने की आवाज को सुनकर कविता को लगा कि मुझे चोट लगी है तो वो दौड़ती हुई बाथरूम में आ गई. अब में जानबूझ कर उठने का नाटक करने लगा, लेकिन में उठ नहीं रहा था बस नाटक कर रहा था, जिसको देखकर उसे लगे कि मुझे बहुत ज़ोर से चोट लगी है.
अब कविता अंदर आकर मुझे अपने गोरे मुलायम हाथों का सहारा देकर मुझे उठाकर अपने रूम में ले जा रही थी और में उसकी गरम गोरी मटकती हुई कमर पर अपना हाथ लगाकर मज़े ले रहा था और साथ साथ उसके मुलायम बड़े आकार के झूलते हुए बूब्स को छू रहा था और फिर छूकर मुझे महसूस हुआ कि उस दिन वो ब्रा नहीं पहनी हुई थी.
फिर उन्होंने मुझे बेड पर लेटा दिया और फिर वो मुझसे पूछने कि बताओ तुम्हें कहाँ चोट लगी है? तो मैंने उफफ्फ्फ्फ़ आईईइ बहुत दर्द हो रहा है और में बोला कि कमर में और जाँघ में तो वो मुझसे बोली कि क्या में मालिश कर दूँ?
फिर मैंने बोला कि हाँ कर दो, वो मेरे मुहं से हाँ शब्द सुनकर वहां से तेल लेने चली गई और फिर में तुरंत उठकर खड़ा हुआ और मैंने अपना लोवर उतार दिया और अपनी अंडरवियर को भी उतार दिया और अब में टावल लपेटकर उनके सामने लेट गया, तब तक कविता भी तेल लेकर आ गई थी और में दर्द का नाटक करके अपनी दोनों आखें बंद करके लेट गया और ऐसा नाटक करने लगा था, जैसे मुझे बहुत चोट लगी है और में नाटक करके धीरे धीरे दर्द से कराह रहा था.
अब वो मुझसे कहने लगी कि सबसे पहले में कमर में तेल लगा देती हूँ तो में उसके मुहं से यह बात सुनकर तुरंत उल्टा लेट गया और वो अब मेरी कमर पर तेल लगाने लगी थी. दोस्तों में उसके मुलायम मुलायम हाथों का वो स्पर्श जो अहसास में उस समय महसूस कर रहा था, आप लोगों को अपने किसी भी शब्द में नहीं बता सकता. फिर वो कुछ देर बाद मुझसे बोली कि तुम अब सीधा घूम जाओ, में अब तुम्हारी जाँघ में तेल लगा देती हूँ.
फिर में जल्दी से सीधा हुआ और वो अब मेरा थोड़ा सा टावल हटाकर अपने गोरे मुलायम हाथ में बहुत सारा तेल लेकर लगाने लगी थी और कुछ देर के बाद वो अब धीरे धीरे तेल लगाते लगाते ऊपर की तरफ आने लगी थी और फिर उसने गलती से अचानक से मेरे खड़े लंड को छुआ और झटके से अपना हाथ तुरंत पीछे हटा लिया और ना जाने क्या सोचने लगे और हल्का सा मुस्कुराने लगी. फिर मैंने कविता से बोला कि हाँ मेरे उसमें भी चोट लगी है, प्लीज वहां पर भी थोड़ा सा तेल लगा दो ना.
अब वो मुझसे कहने लगी कि तुमने तो मुझसे कहा था कि तुम्हारी जाँघ में और कमर में चोट लगी है. तब मैंने मुस्कुराते हुए बोला कि हाँ उसमें भी चोट लगी है और वो भी मेरी तरफ देखकर हंसने लगी और अब वो टावल के अंदर से ही अपना हाथ डालकर तेल लगाने लगी और कुछ ही देर में मेरा लंड तनकर खड़ा होकर तंबू बन चुका था, जिसको उसने भी महसूस कर लिया था. तभी मैंने अचानक से अपना टावल खोल दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड अब बाहर आकर खड़ा हो गया तो वो मेरे खड़े फनफनाते हुए लंड को देखकर एकदम से चकित हो गई, लेकिन फिर भी अपनी फटी हुई आखों से मेरे लंड को देखती रही.
दोस्तों अब मैंने सही मौका देखकर धीरे से उसकी मेक्सी के अंदर अपना एक हाथ डाल दिया और फिर उसका बूब्स दबाने लगा और वो मुझसे बिना कुछ कहे अपनी आखों को बंद करके मेरे साथ मज़ा लेने लगी. फिर मैंने उसकी मेक्सी को पूरा उतार दिया और अब में कविता को किस करने लगा और वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी, वो अब मेरे सामने पूरी नंगी हो चुकी थी और बिल्कुल काम की देवी लग रही थी, वो ऊपर से लेकर नीचे तक बहुत सुंदर थी.
फिर मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर नीचे लेटा दिया और उसकी चूत को कुछ देर सहलाने के बाद अब मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाकर गोरी, चिकनी, गीली चूत को हल्के हल्के चूमना और उसके बाद चाटना शुरू कर दिया, वो तो जैसे कि बिल्कुल पागल ही हो गई थी, वो पूरे जोश में आकर सिसकियाँ लेते हुए मेरे सर को अपनी चूत के मुहं पर पूरे जोश से दबाने लगी थी, मुझे अपनी चूत में घुसा रही थी, वो अपने चूतड़ को हवा में उठाकर मुझसे और अंदर तक अपनी जीभ को डालकर चूसने के लिए कहने लगी, उफ्फ्फ्फ़ हाँ थोड़ा सा और अंदर घुसा उईईईईइ हाँ डाल दे पूरा अंदर आअह्ह्ह्ह वाह मज़ा आ गया और में अब बहुत मज़े लेकर उसकी चूत को चूस रहा था और फिर मैंने महसूस किया कि वो पांच मिनट के बाद झड़ गई, जिसकी वजह से मेरा पूरा उसके गरम लावे से भर गया और में उसका सारा स्पर्म पी गया और चाट चाटकर मैंने उसकी चूत को दोबारा चमका दिया.
कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरा लंड अपने मुहं में लो तो दोस्तों वो तो झट से मान गई, जिसकी वजह से में तो एकदम चकित हो गया कि वो इतना जल्दी कैसे मान गयी? शायद वो खुद भी मेरा लंड अपने मुहं में लेकर उसके मज़े लेना चाहती थी और फिर वो मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर बहुत मज़े से लोलीपोप की तरह चूसने लगी और मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था, क्योंकि वो किसी अनुभवी की तरह बहुत आराम से पूरा अंदर बाहर करते हुए लंड को चूस रही थी, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद में भी उसके मुहं में झड़ गया और वो भी मेरा पूरा वीर्य पी गयी.
फिर भी कविता ने मेरा लंड चूसना बंद नहीं किया. उसके कुछ देर की मेहनत के बाद मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो चुका था और अब उसने मुझसे कहा कि प्लीज अब तुम मुझे जल्दी से चोद दो, मुझसे अब रहा नहीं जा रहा, प्लीज अब तुम मेरी प्यास को बुझा दो और मुझे शांत कर दो प्लीज.
फिर मैंने उसे ज़ोर से धक्का देकर बेड पर पटक दिया और उसके दोनों पैरों को उठाकर अपना लंड चूत के मुहं पर सेट करके मैंने एक ही झटके में अपना पूरा का पूरा लंड अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से वो बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी, आह्ह्ह्हह आईईईईइ मार डाला उफ्फ्फफ्फ्फ़ स्ईईईईईईईइ प्लीज थोड़ा धीरे करो. अब में बिना सुने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा था और में पूरे जोश में था और अब उसकी सिसकियों की आवाज़ पूरे रूम में गूँज रही थी, वो उफ्फ्फ्फ़ आईईईईई मर गई आह्ह्ह्ह थोड़ा धीरे करो, में क्या कहीं भागी जा रही हूँ, आह्ह्ह्हह्ह और वो मुझसे कहने लगी कि में यहीं रहूंगी, प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करो, आह्ह्हह्ह नहीं तो शोर सुनकर मेरा बेटा उठ जाएगा.
फिर में अब थोड़ा आराम आराम से धक्के देकर चोदने लगा था, में अब अपना लंड पूरा बाहर निकाल देता और फिर एक झटके में पूरा अंदर डाल देता, मेरे उस जोरदार धक्के से वो पूरी तरह से हिल जाती और ठप ठप हमारे दोनों के नंगे गरम बदन के टकराने की आवाज आने लगती. फिर कुछ देर धक्के देने के बाद मैंने उससे बोला कि अब हम पोज़िशन बदलकर चुदाई करते है और मैंने अपने लंड को तुरंत खींचकर बाहर कर लिया.
उसके बाद मैंने उसे डॉगी स्टाईल में बैठने के लिए कहा और उसने तुरंत वैसा ही किया. अब वो मेरे सामने डॉगी की तरह बैठ गई और मैंने उसके पीछे खड़े होकर अपने लंड को चूत के मुहं पर सेट किया और एक ही जोरदार धक्का देकर मैंने अपना पूरा लंड चूत में डाल दिया और फिर में उसको ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदने लगा था और में बीच बीच में अपना पूरा लंड बाहर निकालकर दोबारा एक ज़ोर का झटका देकर पूरा अंदर डाल देता, जिसकी वजह से वो पूरा हिल जाती और चिल्ला उठती, आआअहह आईईईईइ और फिर वो मेरा नाम लेने लगी और मुझसे कहने लगी उफ्फ्फ हाँ शंकर और ज़ोर से धक्का देकर चोदो मुझे उफफ्फ्फ्फ़ हाँ आज तुम मुझे अपनी रंडी बना दो हाँ और ज़ोर से चोदो, आह्ह्ह्ह हाँ खून निकाल दो मेरी चूत से, मेरी चूत को पूरी तरह से संतुष्ट कर दो, आईईईईइ हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे उफ्फ्फ्फ़ वाह मज़ा आ गया, में बहुत समय से प्यासी हूँ, तुम आज मेरी प्यास को बुझा दो.
दोस्तों तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी और वो मेरा नाम ले रही थी, जिसकी वजह से मुझे और भी जोश आ रहा था. अब में धीरे धीरे अपनी स्पीड को बढ़ा रहा था और फिर में कुछ देर और धक्के देने के बाद उसकी चूत में ही झड़ गया. कुछ धक्के देने के बाद में थककर उसके ऊपर ही गिर गया और फिर हम दोनों वैसे ही लेटे रहे.
फिर उसके थोड़ी ही देर बाद वो मेरे लंड से एक बार फिर से खेलने लगी थी, वो मेरे लंड को हिलाने सहलाने लगी थी, जिसकी वजह से मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया और दोबारा चुदाई करने के लिए एकदम तैयार खड़ा था. दोस्तों यह थी मेरी चुदाई की कहानी अपनी पड़ोसन के साथ जिसमें मैंने उसके साथ मिलकर बहुत मज़े किए और अपनी चुदाई से उसे पूरी तरह से संतुष्ट किया और उसको बहुत जमकर चोदा.
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बुआ की चूत का भोसड़ा बनाया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में 21 साल का हूँ. मेरी एक बुआ है जिसकी उम्र 30 साल है और वो दिखने में एकदम सेक्स की देवी लगती है और उसका नाम बबिता है. हमारा एक परिवार है जिसमें हम सभी एक साथ रहते है इसमे 8 अंकल 8 आंटी 15 भाई बहन है और इन लोगों के बीच में मेरा बचपन बहुत हंसी ख़ुशी बीता है.
एक बार मैंने अपनी बुआ की जमकर चुदाई कि यह बात वो सच्ची घटना आज में आप सभी लोगों को बताने जा रहा हूँ, वैसे में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और आज इसलिए मैंने बहुत हिम्मत करके अपनी कहानी भी आप तक पहुंचाई है और में उम्मीद करता हूँ कि यह आपको जरुर पसंद आएगी और अब ज्यादा समय खराब ना करते हुए में अपनी कहानी पर आता हूँ.
दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मेरी बुआ की शादी हो चुकी थी और में तब 20 साल का था और मेरी बुआ 29 साल की थी, वो उनकी शादी के बाद पहली बार उनके मायके आई हुई थी और वो हमारे साथ बहुत दिनों तक रहने वाली थी, लेकिन वो वहां से आने के बाद उनके चेहरे से ज्यादा खुश नहीं दिखाई दे रही थी और जब उनसे उनकी एक दोस्त मिलने के लिए आई तो वो उनको सेक्स के बारे में बातें बता रही थी.
तभी में भी उधर से ही गुजर रहा था कि अचानक से मेरे कानों में उनकी चुदाई की वो बातें सुनकर में वहीं एक कोने में छुप गया और कुछ ही देर में मेरा लंड उनकी बातें सुनकर खड़ा हो गया इस दौरान मुझे पता चला कि फूफा जी ने अभी तक मेरी बुआ को चोदा ही नहीं था.
बुआ कह रही थी कि उनकी चूत चुदाई के लिए बहुत तरस रही है वो अब इसका क्या करे? तो उनकी यह बात सुनकर में उस दिन से ही उन्हे चोदने की फिराक में रहने लगा था. में मन ही मन अब अपनी बुआ की चुदाई के सपने देखने लगा था.
दोस्तों मेरी अच्छी किस्मत से मेरी बुआ रात को मेरे ही कमरे में उनके एक अलग बेड पर सोती थी और में देर रात तक जागकर अपनी पढ़ाई किया करता था और उसके साथ अपनी बुआ को भी देखता था. एक दिन गरमी से बहुत ज्यादा बेचैन होकर उसने रात को अपनी साड़ी और ब्लाउज को खोलकर वो सो गई और में अपनी चकित नजरों से अपनी बुआ का गोरा बदन उनके बड़े आकार के बूब्स को देखकर अपनी आखें सेकने लगा. मुझे बड़ा मज़ा आता था और यह सिलसिला अब हर रोज़ ही होता था. एक दिन रात को सोते वक़्त अचानक मेरा ध्यान उनकी तरफ चला गया तो वो सब कुछ देखकर मेरी आँखे फटी की फटी रह गई क्योंकि आज उनका पेटीकोट भी ऊपर उठकर उनके पेट पर आ गया था, वो बहुत मस्त नजारा था और अब में उनके पास जाकर उनकी नंगी गोरी गांड को देखने लगा, वो सब देखते देखते मेरा लंड तनकर 6 का हो गया और अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मैंने हिम्मत करके उनकी गांड को अपने हाथ से हल्के हल्के सहलाना शुरू किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी हलचल ना देखकर मेरी हिम्मत अब ज्यादा बढ़ गई और में बिल्कुल पागल होकर उनकी गांड को सूंघने लगा.
वो अब भी सोई ही रही और उसके बाद मैंने उनकी गांड को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया और एक हाथ से सहलाता भी रहा तभी अचानक से वो उठकर बैठ गई वो बहुत अजीब नजरों से मुझे देख रही थी, तो मैंने बहुत हिम्मत करके उनसे कहा कि बुआ आप मुझसे अपनी चुदाई करवा लो और यह बात हम दोनों के अलावा किसी को भी पता नहीं चलेगी और हम दोनों साथ में रहकर बहुत मस्ती करेंगे.
दोस्तों में पहले से ही बहुत अच्छी तरह से जानता था कि वो भी सेक्स की भूखी थी और उनको भी अपनी प्यासी चूत को चुदवाकर उसकी आग को शांत करना था. उनको इससे अच्छा मौका मिलना भी नहीं था इसलिए उन्होंने मेरी पूरी बात सुनकर भी मुझसे कुछ नहीं बोला और मुझे उनकी नजरों में वो सब दिखाई दे रहा था.
तभी वो धीरे से मुस्कुराई और मेरा लंड अभी भी तनकर खड़ा था, तो सबसे पहले उन्होंने मेरे लंड को बहुत ध्यान से अपनी प्यार भरी नजर से देखा और उसके बाद तुरंत लंड को पकड़कर चूसने लगी और सक करते करते वो लंड को अपने मुहं में लेकर लोलीपोप समझकर चूसने लगी, वो मेरे लंड पर किसी भूखी बिल्ली की तरह टूट पड़ी और मुझे जन्नत का मज़ा मिलने लगा.
अब में उनको बोला उफ्फ्फफ्फ हाँ चाट जा मेरी चुदक्कड़ बुआ ओऊऊऊ आह्ह्हह्ह्ह्ह और ज़ोर से चूस वाह मज़ा आ गया और वो कुछ देर तक मेरे लंड का मज़ा लेती रही और मुझे भी अपना मज़ा देती रही. फिर कुछ देर चूसने के बाद मैंने उनके मुहं से अपने लंड को बाहर निकालकर उनके पेटीकोट के नाड़े को एक झटका देकर खोल दिया जिसकी वजह से वो पेटीकोट नीचे आ गया और मेरे सामने उनकी काले काले छोटे बालों से भरी बिना चुदी चूत और बड़ी सी गांड थी. में अब उन्हे घोड़ी बनाकर पीछे से उनकी गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा और वो बिल्कुल बैचेन हो उठी उनकी चूत पानी छोड़ने लगी, तो में अपना लंड उनकी गांड में डालने लगा और वो दर्द से आहे भरने लगी, लेकिन फिर भी उसने मुझे मना नहीं किया और यह देखकर में अब धीरे धीरे अपने लंड को अंदर डालने लगा और उनके मुहं से उईईईई माँ मर गईईई निकल गया और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी.
फिर में अपने लंड को अंदर ही डालकर कुछ देर तक उनके मिल्की बहुत मुलायम बूब्स को मसलने लगा. में उनकी निप्पल को निचोड़ने लगा और उनकी दोनों निप्पल खड़ी हो गई जिसकी वजह से कुछ देर बाद वो जोश में आ गई और अब वो भी मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी. दोस्तों मैंने महसूस किया कि उनकी गांड क्या मस्त गद्दीदार और आकार में बड़ी थी जिसकी वजह से मेरा मन करता था कि में कभी भी उनकी गांड से अपना लंड बाहर नहीं निकालूं.
अब वो भी ज़ोर ज़ोर से कह रही है उफ्फ्फ्फ़ हाँ मेरे जिम्मी अह्ह्ह्हह तू मेरी गांड को और ज़ोर ज़ोर से मार और तेज ज़ोर से तेज ऊउईईईईईई आज तुम मेरी गांड को चोदकर मुझे जन्नत की सैर करवा दो, वाह मज़ा आ गया, तुम तो बहुत मज़े देते हो, तुमने यह काम बहुत अच्छा किया आह्ह्ह हाँ और अंदर तक जाने दो.
फिर इस तरह से में उनकी गांड को करीब बीस मिनट तक ज़ोर से तो कभी धीरे से, लेकिन लगातार धक्के मारता रहा और उसके बाद में उनके गांड में झड़ गया और उसके बाद में उनकी गांड में अपना लंड डालकर उन पर लेटा रहा उसके बाद मेरा लंड उनकी गांड से मुरझाकर बाहर आ गया और वो उठकर बाथरूम में चली गई. दोस्तों में क्या बताऊँ? में उस समय क्या महसूस कर रहा था, क्योंकि मैंने उस समय पहली बार किसी के साथ सेक्स किया था, जिसकी वजह से मुझे बड़ा मज़ा आया था और यह सब करना में सेक्सी फिल्में देखकर ही जान गया था.
फिर कुछ देर के बाद बुआ बाथरूम से वापस आ गई और उन्होंने मुझे चूम लिया और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को एक चुम्मा दे दिया. फिर तब मैंने महसूस किया कि अब वो भी मेरे साथ पूरी तरह से खुल गई थी.
अब उन्होंने अपने बेड पर मुझे बुलाया और वो मुझसे बोली कि जिम्मी क्या तू मेरे बूब्स पियेगा और अब में भी तुरंत उनके पास में लेटकर उनके बूब्स को चूसने लगा वो अब अपने हाथ से अपने बूब्स को दबा दबाकर छोटे बच्चे की तरह मुझे अपनी निप्पल चुसवा रही थी और आहे भर रही थी. उनकी दोनों आखें बंद थी और वो आह्ह्हह्हहह् कर रही थी. इधर बूब्स को चूसते हुए मेरा लंड भी खड़ा हो रहा था.
अब वो मुझे लेटाकर खुद उठकर मेरे लंड के पास जाकर झुककर उसने लंड को अपने मुहं में ले लिया और अब वो ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी जिसकी वजह से मेरी तो जान ही निकली जा रही थी और वो सेक्स की ज्वालामुखी बन गई थी. लंड को चूसने के साथ साथ उसके मुहं से मोन करने की आवाजे आ रही थी, लेकिन कुछ देर के बाद में झड़ गया और उसने मेरा पूरा वीर्य अपने मुहं में लेकर कुतिया की तरह वो अपनी जीभ से मेरा लंड चाट चाटकर पी गई, वो उस समय किसी अनुभवी रंडी की तरह लग रही थी, लेकिन कुछ भी कहो मुझे उनके साथ बड़ा मज़ा आ रहा था और में अब थोड़ा सा ढीला हो गया, तो वो एक कुर्सी पर बैठ गई और उसने अपने दोनों पैरों को फैला लिया, वो अपनी चूत की तरफ इशारा करते हुए मुझसे बोली कि जिम्मी देख मेरे लंड ने मेरे पास आकर मेरी चूत का क्या हाल कर दिया है? यह अब बह रही है और तेरे लंड को अपने अंदर लेने के लिए तरस रही है, तू अब जल्दी से इसकी पूरी गरमी को खत्म करके मेरी चूत की खुजली को मिटा दे, तू आज मुझे रगड़कर चोद दे और आज तक मेरी चूत को किसी ने नहीं चोदा. आज तू ही इसका उद्घाटन कर दे.
दोस्तों उनकी चुदासी भरी बातें सुनकर मैंने भी अब ज्यादा जोश में आकर उनकी गरम गीली चूत पर अपना मुहं लगा दिया और उस दिन पहली बार मुझे किसी की चूत की खुशबू मिल रही थी जिसकी वजह से में एकदम मदहोश होकर कुत्ते की तरह उनकी चूत के गीलेपन को अपनी जीभ से चाटने लगा और वो ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी आहहोह हाँ और ज़ोर से चूसो मेरे राजा उफफ्फ्फ्फ़ हाँ आज तुम इसको खा जाओ, मेरी चूत को ठंडा कर दो, यह बहुत दिनों से तरस रही है.
फिर इस तरह से में अपनी जीभ को उनकी चूत के बहुत अंदर तक ले गया और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी. में अपनी जीभ से ही उनकी चूत को चोदने लगा और कुछ देर बाद उन्होंने जोश में आकर एक हाथ से अपने बूब्स को दबाते हुए मेरे सर को अपनी दोनों जाँघो के बीच में ज़ोर से दबा लिया और मेरे मुहं में ही उन्होंने अपनी चूत का पानी निकाल दिया.
फिर में उनकी चूत से बाहर निकले पानी की एक एक बूँद को पी गया और मैंने अपनी जीभ से चूत को चाटकर साफ कर दिया, वाह क्या स्वाद था? वो में बता नहीं सकता. फिर उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर चूसना शुरू किया और मेरा लंड भी उनके मुहं की गरमी को पाकर कुछ देर में पूरी तरह से तनकर खड़ा हो गया.
मैंने उन्हे बेड पर लेटा दिया और अब मैंने उनकी फूली हुई चूत में अपने लंड का सुपाड़ा डाल दिया जिसकी वजह से वो ज़ोर से चीख उठी आईईईईइ माँ में मर गई, तूने यह क्या किया थोड़ा आराम से नहीं कर सकता क्या, में क्या कहीं भागी जा रही हूँ? उफ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी चूत में अब बहुत जलन हो रही है, क्योंकि अभी तक उनकी चूत चुदी नहीं थी, वो वर्जिन ही थी और मैंने महसूस किया कि उनकी चूत बहुत टाइट थी.
में उनकी चीखने की आवाज को सुनकर वहीं पर रुक गया और उनके बूब्स को सहलाने लगा. फिर जब उनका दर्द थोड़ा कम हुआ तो उसने कहा कि तू मेरे मुहं में कपड़ा डाल दे और अब मेरे दर्द की बिल्कुल भी चिंता छोड़कर अपना लंड मेरी चूत में पूरा अंदर डाल दे.
फिर मैंने भी ठीक वैसा ही किया और उनके मुहं में एक कपड़ा डालकर मैंने अचानक से उनकी कमर को ज़ोर से पकड़कर अपने लंड का एक जोरदार धक्का लगाया जिसकी वजह से चार इंच लंड उनकी चूत के अंदर चला गया और अब में उसी तरह लगातार धक्के लगाता रहा और कुछ देर बाद मैंने देखा कि उनकी चूत से खून बाहर निकलने लगा था, लेकिन में फिर भी धक्के मारते हुए उनकी चूत के अंदर तक अपना पूरा लंड डाल रहा था और अब में धीरे धीरे धक्के देकर चुदाई करने लगा.
अब वो भी अपनी कमर को आगे पीछे करने लगी और मैंने अब उनके मुहं से कपड़ा निकाल दिया. अब हम दोनों पूरे जोश में आ चुके थे छप छप आह्ह्हह्ह उफफ्फ्फ्फ़ की आवाज आ रही थी और अब वो मुझे गंदी गंदी गालियाँ दे रही थी कह रही थी कि कुत्ते साले हरामी की औलाद आह्ह्ह्ह तेरी माँ जाने किससे अपनी चूत चुदवाती है और आज तू मेरी चूत को चोद चोदकर इसका भोसड़ा बना दे उफ्फ्फ हाँ पूरा अंदर तक जाने दे.
फिर इस बात से में बहुत जोश में आकर उन्हे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा. इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी और में भी अब 25 मिनट की उनकी लगातार चुदाई के बाद अब झड़ने वाला था. मैंने उनसे पूछा क्यों मेरी रांड बता कहाँ लेगी मेरा पानी? तो उसने मुझसे मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर ही डालने को कहा और में तेज़ी से धक्के देता हुआ उसकी चूत में झड़ गया और बिल्कुल निढाल होकर उनके बूब्स पर लेट गया.
हम दोनों बहुत थक चुके थे इस इसलिए हमे कब नींद आ गई पता ही नहीं चला और सुबह दस बजे मेरी नींद खुली मुझे बुआ जगाने आई वो बहुत खुश लग रही थी. फिर उन्होंने मुझे किस किया और फिर मैंने भी झुककर उनकी साड़ी उठाकर उनकी चूत को चूम लिया और फिर उसके बाद हमारी चुदाई ऐसे ही चलती रही. उनको मेरा लंड और मुझे उनकी चूत मिल गई थी जिसके हमने बहुत मज़े लिए मैंने उनको बहुत बार जमकर चोदा.
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सेक्सी भाभी की चूत का चक्कर

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में जयपुर से हूँ. मेरी उम्र 32 साल है और में दिखने में स्मार्ट हूँ और मेरी हाईट 6 फुट है. ये एक सच्ची घटना है और जो मेरे साथ हुई, में बस से उदयपुर से जयपुर जा रहा था तो एक घंटे के बाद बस चित्तोड़ में रूकी.
फिर मैंने खिड़की से देखा कि एक लेडी कार से सामान लेकर उतर रही थी. फिर वो मेरी ठीक आगे वाली सीट पर बैठी, उसने साड़ी पहन रखी थी, वो लंबी थी और भरे बदन और बड़े बूब्स थे, उम्र 32 साल होगी. अब पूरे रास्ते में उसे पीछे से ही देख रहा था. फिर मैंने बात करने के लिए उससे न्यूज पेपर माँगा तो उसने बिना बोले दे दिया और अब 2 घंटे तक ऐसे ही चलता रहा.
फिर बस अजमेर रूकी, तो उसने कंडक्टर को बोलकर साईड वाली सीट ले ली. अब में भी आगे आ गया और हम दोनों अगल-बगल वाली सीटो पर आ गये थे. फिर उसने कहा कि में कुछ खाने का सामान लेने उतर रही हूँ, तो क्या आप मेरे सामान का ध्यान रख लोगे? तो मैंने कहा कि ओके. फिर वो वापस आई तो मैंने उससे पूछ लिया कि आप वैशाली नगर में रहती है क्या? मैंने आपको पहले कहीं देखा है? तो उसने कहा कि नहीं. फिर मैंने पूछा कि आप क्या करती है? तो उसने बोला कि मेरा बिजनेस गारमेंट एक्सपोर्टर्स के साथ रहता है.
फिर मैंने बातें बनाते हुए उससे कहा कि मेरा भी यही काम है, शायद मैंने आपको किसी एक्सपोर्टर के यहाँ देखा हो. फिर मैंने हिम्मत करके उससे उसके मोबाईल नंबर के लिए पूछ लिया कि क्या पता कभी काम पड़ जाए? तो उसने मुझे अपने मोबाईल नम्बर दे दिए और मैंने उसे मिस-कॉल दे दिया और हम वापस अपनी जगह बैठ गये.
अब बाकी रास्ते में उसे डायरेक्ट तो देख नहीं सकता था, तो में उसको बस की खिड़की के कांच में पड़ रही परछाई में देखने लग गया. अब 1 घंटे तक ऐसे ही चलता रहा और अब उसने भी नोटीस कर लिया था कि में उसे कांच में पड़ रहे रिफ्लेक्सन से घूर रहा हूँ.
एकदम से उसका मैसेज आया कि वैसे तुम से मिलकर अच्छा लगा, तो मैंने भी रिप्लाई दिया कि मुझे भी आपसे मिलकर अच्छा लगा. फिर मैंने वापस उसे मैसेज किया कि आप मेरी फ्रेंड बनोगी? तो उसका कोई रिप्लाई नहीं आया और अब में इंतजार करता ही रहा. फिर जयपुर आ गया, तो उसने कहा कि मुझे मानसरोवर जाना है, ऑटो कहाँ से मिलेगा?
मैंने कहा कि जहाँ में उतरूंगा वहाँ से आपको बैठा दूँगा. फिर हम दोनों उतर गये और मैंने उनको ऑटो में बैठा दिया और अब में खुद भी घर आ गया. फिर मैंने उनका फोन ट्राई किया तो स्विच ऑफ आ रहा था. (बाद में उन्होंने बताया कि बैटरी डिसचार्ज हो गयी थी) फिर मैंने सोचा कि चलो भूल जाओ और में सो गया.
फिर सुबह करीब 9 बजे उनका फोन आ गया. फिर हमने काफ़ी देर तक इधर-उधर की बातें की. फिर मेरी 1 हफ्ते तक उनसे बातें होती रही. अब वो डबल मीनिंग में बात भी करती थी, जो में उस वक़्त समझ नहीं पाता था. मेरी उम्र ज़्यादा नहीं थी और में लड़कियो के टच में भी ज़्यादा नहीं था और सारा दिन अपनी पढाई में लगा रहता था और वो शादीशुदा थी और उनके एक बच्चा भी था, लेकिन उनके पति ने 4-5 सालों से किसी और लड़की के चक्कर में उन्हें छोड़ दिया था.
फिर एक हफ्ते के बाद उनका फोन आया कि उन्हें कहीं जाना है और उनकी कार खराब है. फिर मैंने कहा कि में ले चलता हूँ, उन दिनों मेरे पास बाईक थी. फिर में शाम को बाईक लेकर उनके घर आ गया. फिर वो उनकी सास से मिलाने के लिए मुझे थोड़ी देर अंदर ले गयी और पानी पिलाया. (उन्होंने अपनी सास से बोला कि में उनकी फ्रेंड का भाई हूँ) फिर में उन्हें बाईक पर ले गया और उनकी बताई हुई जगह पर छोड़ दिया.
फिर उन्होंने कहा कि मेरा काम हो जायेगा, तब में फोन कर दूँगी तो मुझे वापस लेने आ जाना. फिर में वहाँ से टाईम पास करने एक मॉल में चला गया. फिर आधे घंटे के बाद उनका फोन आया और में वापस उन्हें लेने चला गया. फिर रास्ते में हम लोग एक रेस्टोरेंट में रुके, स्नेक्स लिए और कुछ बातें की और फिर मैंने उनको वापस घर छोड़ दिया.
फिर मेरी रात को उनसे फोन पर बात हुई, अब बात करते-करते उन्होंने एकदम से कहा कि आई लव यू, तो मैंने कहा कि मी टू. फिर हमारी थोड़ी देर तक रोमांटिक बातें हुई. फिर मैंने फोन पर उन्हें किस किए और फिर हम लोग सो गये. उसके बाद मैंने उनका फोन बहुत ट्राई किया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया. अब में फिर से उन्हें भूलकर अपनी पढाई में व्यस्त हो गया.
फिर 2 हफ्ते के बाद उनका फोन आया और कहा कि मुझे घूमने ले जाओगे? तो मैंने कहा कि कल चलते है. फिर अगले दिन हम लोग उनकी कार में घूमे, कॉफी पी, अच्छा टाईम निकला. अब जाते वक़्त मैंने उनकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया, बस में इतनी ही बदमाशी कर पाया. फिर अगले दिन वापस वही हाल फोन उठना बंद, लेकिन एक हफ्ते के बाद शाम को उन्होंने मुझे अपने घर बुला लिया. फिर हम लोग बाईक पर ही घूमने निकले.
फिर उन्होंने मुझे एक सुनसान रोड़ पर चलने को बोला, तो हम लोग चल निकले. फिर कुछ देर तक में ऐसे ही चलता रहा और हम बातें करते रहे. फिर एकदम से उन्होंने आई लव यू बोलते हुए मुझे पीछे से हग कर लिया. अब उनके बूब्स मेरी पीठ पर ज़ोर से दब रहे थे और उनके हाथ मेरे सीने पर थे, अब मेरे मजे की कोई सीमा नहीं रही. फिर मैंने बाईक एकदम धीरे कर ली और उनके बूब्स के अपनी पीठ पर मज़े लेने लग गया. अब बीच-बीच में वो मेरे गले और पीठ पर किस भी करती रही.
अब अंधेरा होने वाला था तो मैंने उनको उनके घर से थोड़ा दूर छोड़ दिया. फिर जाते-जाते उन्होंने कहा कि शायद में फोन करूँगी तो आ जाना. अब मेरी दिल की धड़कन बढ़ गयी थी. फिर में धीरे-धीरे वापस चल पड़ा और फिर कोई 10 मिनट के बाद उनका फोन आ गया कि उनकी सास घर पर नहीं है, तुम घर आ जाओ, तो में फटाफट फुल स्पीड में उनके घर पहुँच गया.
फिर उन्होंने घर से बाहर झाँककर देखा तो बाहर कोई नहीं था. अब में कुछ करता उससे पहले ही उन्होंने एकदम से मेरे लिप को किस करना शुरू कर दिया. में हैरान था, लेकिन नॉर्मल होते ही मैंने भी वापस पूरे जोश के साथ वापस किस करना स्टार्ट कर दिया.
फिर मैंने किसिंग करते-करते उनके बूब्स पकड़ लिए और उनको दबाना शुरू कर दिया. फिर मैंने अपना एक हाथ उनके ब्लाउज में डाल दिया, अब उनका चेहरा उत्तेजना में ऐसा हो रहा था कि में बयान नहीं कर सकता. उस दिन तो उतना ही हुआ. फिर मैंने उनके ब्लाउज के नीचे पेट पर किस किए, बूब्स दबायें, कूल्हों को प्रेस किया और फिर घर आ गया.
फिर अगली सुबह जल्दी 7 बजे उनका फोन आया कि घर आ जाओ, सास रोज की तरह कीर्तन में गयी हैं तो में उनके घर पहुँच गया. उन्होंने ब्लेक सलवार कमीज़ बिना दुपट्टे के पहन रखी थी. फिर पहले उन्होंने चाय बनाई और फिर हमने चाय पी. फिर मैंने उनको हग कर लिया और अब हम लोग लिप किसिंग करते हुए उनके बेडरूम में चले गये. फिर मैंने उनको बिस्तर पर लेटाया और उनके ऊपर लेट गया. अब मैंने उनके बूब्स दबाते हुए किसिंग चालू रखी.
फिर मैंने उनसे मुँह खोलने को कहा और उनकी जीभ को सक करने लगा और वो भी मेरी जीभ को चूसने लगी. फिर मैंने उनकी कमीज़ उतार दी, अब उनके बड़े-बड़े बूब्स वाईट ब्रा में एकदम पैक थे. फिर मैंने उनके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही किस करना स्टार्ट कर दिया और उनके निप्पल के साथ खेलने लग गया और साथ ही साथ में अपना लंड उनकी जांघ पर रगड़ रहा था.
फिर उन्होंने अपनी ब्रा उतार दी और अब में उनके बड़े-बड़े बूब्स और निप्पल देखता ही रह गया. फिर मैंने जल्दी से उनकी सलवार उतार दी, अब वो सिर्फ़ पेंटी में थी. फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और अंडरवियर में वापस उनकी बॉडी को प्रेस करना शुरू कर दिया. अब में उनकी जांघो पर किस कर रहा था और अपने हाथों से उनके बूब्स को दबा रहा था.
फिर उन्होंने अपना एक हाथ मेरी अंडरवियर में डाल दिया और मेरा लंड पकड़कर उसके साथ खेलने लग गयी. फिर मैंने अपनी अंडरवियर भी उतार दी. अब मेरा 7 इंच लम्बा लंड उनके सामने था.
फिर उन्होंने खुद ही उसे अपने मुँह में ले लिया और चूसने लग गयी. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी पेंटी में डाल दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा. अब काफ़ी देर ऐसे ही चलता रहा. फिर मैंने उनकी पेंटी उतार दी और फिर मैंने उनकी टांगे फैलाई और उनकी चूत पर किसिंग करने लग गया.
फिर मैंने उनकी चूत के होंठो को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लग गया. अब में उनकी चूत के दाने को अपने दांतो से काटने और चाटने लगा था, उनकी चूत पूरी गीली हो रही थी. फिर मैंने उनकी पूरी चूत को ऊपर से नीचे तक चूसा, चाटा और काटता रहा. अब में उनकी चूत में अपनी उंगली डालकर अपनी उंगली अंदर बाहर करता रहा.
फिर वो बोली कि अब करो ना. फिर में उनके ऊपर आ गया और अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लग गया तो उन्होंने खुद ही मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के होल पर रख दिया. फिर मैंने एक जोर से झटका दिया तो मेरा लंड सीधा उनकी चूत में अंदर चला गया और फिर में तेज़ी से उनकी चुदाई करने लग गया. फिर में करीब 45 मिनट तक उन्हें चोदता रहा.
फिर उन्होंने कहा कि अब निकाल लो, तो मैंने अपना पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया. फिर हम थोड़ी देर तक ऐसे ही लेटे रहे और अब उनकी सास का आने का टाईम होने वाला था तो हमने कपड़े पहने और फिर थोड़ी देर हग करते हुए बातें की और फिर में अपने घर आ गया. उसके बाद 4-5 महीने तक हमें जब भी मौका मिलता, हम खूब चुदाई करते. फिर मेरा एड्मिशन मुंबई हो गया तो मुझे उनको छोड़कर आना पड़ा. फिर में 2 साल के बाद वापस आया तो पता चला कि उन्होंने दूसरी शादी कर ली और इस तरह हमारा अफेयर ख़त्म हुआ.
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सेक्सी अमीशा की जबरदस्त चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम ऋषभ है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी लम्बाई 6 फिट की है और में 23 साल का हूँ. दोस्तों में आज आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ. में कुछ लोगों की तरह झूठ नहीं लिखता यह एकदम सच्ची घटना है.
मेरे लंड का साईज़ 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है और यह मुझे इसलिए पता है, क्योंकि मैंने खुद अपने लंड का आकार खुद नापा है, मेरा लंड जब सोया हुआ होता है तब 2 इंच का ही रहता है और इस बात से आपको पता लग जाएगा कि में बिल्कुल सच बोल रहा हूँ और अब ज्यादा आप लोगों को बोर ना करते हुए में अपनी आज की कहानी पर आता हूँ.
दोस्तों यह बात आज से करीब 6 महीने पहले की है, जब में एक बहुत अच्छे कॉलेज में अपनी पढ़ाई करता था तो वहाँ पर एक अमीशा नाम की लड़की भी मेरे साथ पढ़ती थी. दोस्तों वैसे में ज्यादातर लड़कियों से ज़्यादा बात नहीं करता था, लेकिन अगर कोई लड़की खुद आगे होकर मुझसे बात करे तो मना भी नहीं कर सकता था. फिर मेरे साथ ठीक ऐसा ही हुआ.
एक दिन उसने मुझसे कुछ बात पूछने के बहाने से बातें करना शुरू किया और फिर में भी उससे बातें हंसी मजाक करने लगा. ऐसा हमारे बीच कुछ दिनों तक लगातार चलता रहा और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश रहने लगे, हमारी यह बातचीत हंसी मजाक अब हमे बहुत अच्छा लगने लगा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत समय बिताने लगे. फिर धीरे धीरे हम दोनों एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये और वो अब मुझसे बहुत करीब होने लगी थी, लेकिन तब तक भी में उसके बारे में कुछ ग़लत नहीं सोचता था, क्योंकि जब वो शुरू में कॉलेज आई थी, तो वो चेहरे से बहुत सीधी-साधी लड़की दिखती थी, लेकिन धीरे धीरे दूसरे साल तक आते आते उसमें अब बहुत ज्यादा बदलाव आने लग गया था.
पहले उसका बदन कम उभरा हुआ था, लेकिन अब थोड़ा ज्यादा उभरकर बाहर आने लगा था और उसका मुझसे हंस हंसकर बातें करना अच्छा लगता था, क्योंकि मुझे उसका वो हंसता खिलता हुआ चेहरा बहुत अच्छा लगता था और इसलिए उसको देखकर अब मेरे मन में कुछ ऐसे वैसे ख्याल भी आने लगे थे, जिसकी वजह से में उसकी तरफ कुछ ज्यादा ही आकर्षित था और इस बात की पूरी जानकारी उसको भी थी, लेकिन उसने अब तक मुझसे कुछ भी नहीं कहा था और अब में उसकी इस बात का पूरा पूरा फायदा उठाना चाहता था.
दोस्तों सबसे पहले मुझे उसके लिए ग़लत ख्याल तब आया, जब मैंने उसको उस दिन लाईब्रेरी में देखा, वो हल्का सा नीचे झुकी हुई थी, तो मैंने पहली बार उसके झुकने की वजह से कपड़ो से बाहर निकलते हुए उसके गोरे, मुलायम बूब्स को बहुत ध्यान से देखा और दोस्तों में आप लोगों को शब्दों में क्या बताऊँ. मैंने पहली बार देखकर गौर किया कि उसके बूब्स अब 36 के हो गये थे और उनको देखकर मेरे अंदर एक अजीब सी हलचल होनी शुरू हो गई.
मेरी नजर उसके गोरे, गदराए, सेक्सी बदन से हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और में लगातार उसको घूर घूरकर देखता रहा. फिर जब वो सीधी हुई तब मैंने उसको हाए बोला और उसने मुझे देखकर मेरी तरफ मुस्कुरा दिया और अब में सही मौका देखकर वहीं पर एक कुर्सी पर बैठकर उससे बात करने लगा, मेरी अच्छी किस्मत से उस समय हम दोनों के अवाला वहां पर कोई भी नहीं था, इसलिए हमारा बैठकर बातें करना किसी को परेशान नहीं कर रहा था, लेकिन मेरा सारा ध्यान उसकी बातों पर कम और उसके उभरे हुए बाहर आने को तैयार बूब्स पर ही था.
उस दिन से मुझे उसके बूब्स देखने में और भी ज्यादा मज़ा आने लगा और में अब उसके ज्यादा ही करीब आने की कोशिश करने लगा था, क्योंकि मेरी इच्छा अब उसके बूब्स को छूकर महसूस करने उन्हें दबाने की थी. दोस्तों वैसे में आप सभी को पहले से ही बता दूं कि वो बहुत शरीफ लड़की थी और उसका व्यहवार मेरे लिए सबसे अच्छा था.
उसने मुझसे कभी भी अपनी कोई भी बात नहीं छुपाई थी, इसलिए हम दोनों बहुत करीबी दोस्त भी थे, लेकिन उस दिन पहली बार उसके बूब्स देखने के बाद से में उसका अब पूरी तरह से दीवाना हो गया था, मुझे अब बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था और मेरा मन उसके बारे में ना जाने क्या क्या सोचने लगा था. मैंने बैठे बैठे ही उसके साथ चुदाई के बहुत सारे सपने देख डाले.
उस दिन उसने हल्के हरे रंग का बड़े गले का कुर्ता पहना हुआ था, जिसमें से उसके बूब्स बहुत ज्यादा उभरकर बाहर से भी बहुत आकर्षक दिख रहे थे और उसका वो कुर्ता टाईट भी कुछ ज्यादा ही लग रहा था, जिसकी वजह से उसके बूब्स का आकार बाहर से ही पता चल रहा था, क्योंकि जब वो झुकी हुई थी तो उसके बूब्स ज्यादा लटके नहीं थे, लेकिन बाहर जरुर निकले थे, उसने अपने बाल पीछे किए हुए थे और आँखों में काजल लगाया हुआ था और हल्का सा पर्फ्यूम भी लगाया हुआ था, जिसकी वाह क्या मस्त खुशबू आ रही थी और उसने नीले रंग की बिल्कुल टाईट लेगी पहनी हुई थी.
दोस्तों वैसे यह बात आप लोगों ने भी जरुर गौर की होगी कि लड़कियों की टाईट लेगी में से जब वो बैठती है तो उस वक़्त दोनों साईड से उनकी उभरती हुई जांघे कितनी सेक्सी लगती है और जब कभी अचानक तेज हवा से उनका कुर्ता उड़ता है तो उनकी वो टाईट चिपकी हुई लेगी जो उनकी गांड चिपकी हुई रहती है, उनकी वो गांड कितनी मस्त सेक्सी लगती है. मेरा तो वो सब सेक्सी नजारा देखकर लंड खड़ा होने लगता है.
फिर उस दिन मैंने अपने घर पर जाकर उसकी व्हाटसप से एक फोटो निकालकर और फिर फोन में उसकी फोटो को देखकर में मुठ मारने लगा और अब में मन ही मन में विचार करने लगा कि उसको बस अब मुझे कैसे भी करके किसी भी तरह से चोदना है और अब बहुत जल्दी वो घड़ी आ ही गई जब मैंने उसे कुछ समय के बाद पटाकर अपने मन की सारी बातें उससे कह दी और फिर मैंने उससे कहा कि अब हमें अपना यह रिश्ता और भी आगे तक ले जाना चाहिए, क्यों तुम्हें मेरी बात से किसी भी तरह का कोई ऐतराज तो नहीं है ना? तो उसने बस अपना सर हाँ करके शरमाकर नीचे झुका लिया और वो मेरी बात को मान गई, लेकिन उसने मुझे कुछ भी नहीं कहा.
फिर में उसे एक दिन अपने घर पर ले गया. उस दिन मेरे सभी घर वाले चार दिनों के लिए मेरे किसी करीबी रिश्तेदार के यहाँ शादी में गए हुए थे, लेकिन मैंने उनसे अपनी पढ़ाई का एक अच्छा सा बहाना बना दिया और उन सभी के चले जाने के बाद में अकेला ही अपने घर पर ही रुक गया. फिर मैंने उससे कहा कि हमे साथ रहने का इससे अच्छा मौका कभी नहीं मिलेगा और मैंने उससे कह दिया कि वो भी अपने घर पर घरवालों से बोल दे कि वो अपनी एक दोस्त की सहेली की शादी में चार दिन के लिए किसी दूसरे शहर जा रही है और वो इन पूरे चार दिनों तक मेरे साथ मेरे घर पर ही रहे और हम दोनों साथ में रहकर बहुत मज़े करेंगे.
दोस्तों मेरा घर दो मंजिला है और उसमें चार कमरे है और सबसे ऊपर की मंजिल पर हम सभी घर वाले रहते है और नीचे वाली मंजिल खाली पड़ी रहती है, उस जगह हमारे घर पर आने जाने वाले मेहमान रहते है, वो उनके लिए खाली पड़ा रहता और वैसे हमारा घर जिस ऊंचाई पर है, वो पूरे इलाक़े में सबसे उँचा है.
अब वो अपने साथ कुछ कपड़े भी लेकर आई थी, क्योंकि मैंने उससे कहा था कि अमीशा तुम अपने कुछ सेक्सी कपड़े भी अपने साथ लेकर आना और उसने वैसा ही किया.
में : अमीशा तू वो लाल कलर की मिनी स्कर्ट गुलाबी कलर के शेड वाली फ्रॉक घुटनों के ऊपर तक वाली और दो वन पीस ड्रेस रख ले.
अमीशा : ओये होए तुझे में उनमें बहुत सेक्सी लगती हूँ बेबी.
में : हाँ एक दो सूट, कुर्ते और लेगी रख लेना, तुम पर वो सब बहुत अच्छे लगते है.
अमीशा : हाँ ठीक है मैंने वो सब रख लिए.
फिर मैंने भी पहले से अपना सारा सामान रख लिया था, जैसे कि कंडोम और चूत की मसाज के लिए तेल और वो अपना सामान लेकर मेरे घर पर आ गई. उस दिन उसने बिना बांह का कुर्ता और एक काली कलर की लेगी पहनी हुई थी. दोस्तों में क्या बताऊँ वो उस समय कितनी सेक्सी लग रही थी, उसको देखते ही मेरा मन तो कर रहा था कि में उसे वहीं दरवाजे पर ही पकड़कर चोद दूं, लेकिन फिर मैंने अपने आप को बहुत ज्यादा समझाया और कंट्रोल किया और उसके हाथ से उसका सामान लेकर अंदर लाकर रख दिया और वो मेरे पीछे पीछे चली आई.
फिर मैंने उसी रात को उससे कहा कि में तेरे लिए कुछ लाया हूँ. फिर उसने मुझसे पूछा कि क्या बताओ? दोस्तों अब मैंने उसे एक वाईब्रेटर दिखाया, जिसको उसने कभी ना तो देखा था और ना ही उसको काम में लेकर देखा था. तभी वो अपनी बिल्कुल चकित नजरों से देखते हुए मुझसे बोली कि यह क्या है और इससे क्या होता है? तब मैंने उसे बताया कि इसे चूत पर लगाते है, जिससे बहुत मज़ा आता है और फिर मैंने तुरंत उसकी लेगी के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसकी पेंटी के अंदर ले जाकर मैंने वो वाईब्रेटर उसकी चूत पर लगा दिया, लेकिन उसका रिमोट मेरे पास ही था. फिर मैंने उसके कपड़े ऊपर कर दिए और उसने मुझसे कहा कि उसे तो कुछ भी महसूस नहीं हो रहा है.
अब मैंने उसके मुहं से यह बात सुनकर तुरंत उस वाईब्रेटर को चालू कर दिया, उसके चालू होते ही उसके तो एकदम से दोनों पैर अंदर की तरफ को हो गए और तभी उसके मुहं से आह्ह्हहह आईईईई की आवाज़ें आने लगी. पहले मैंने उसको हल्का सा चलाया और मैंने देखा कि अब उसकी आँखों की पुतलियाँ भी ऊपर नीचे होने लगी थी. फिर मैंने उसकी स्पीड को बढ़ा दिया और अब मैंने देखा कि उससे तो अब खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था और वो मुझसे कहने लगी कि उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह् प्लीज इसे बंद कर आईईईईईई ऑश ऊईईईइ माँ में मर गई, ऑश आअहहहहा प्लीज़ बंद करो इसे, लेकिन में अब कहाँ मानने वाला था.
फिर मैंने उसकी स्पीड को थोड़ा कम पर कर दिया और अब में उसको ज़बरदस्ती उसके पैरों पर खड़ा करने लगा, लेकिन मैंने देखा कि उससे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था, लेकिन फिर भी जैसे तैसे मैंने उसे अपने इशारे से खड़ा किया और उससे कहा कि वो बेड को पकड़ ले.
फिर उसने ठीक वैसा ही किया. उसके मुहं से अब लगातार आहहुहह आह्ह्ह्ह की आवाज़ें आ रही थी और मेरे देखते ही देखते उसकी लेगी अब पूरी तरह से भीग गई थी, क्योंकि अब उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था और वो नीचे ज़मीन पर ही लेट गई. फिर मैंने देखा कि उसका पूरा शरीर अब काँपने लग गया था और उसके आसपास पूरी जमीन पर पानी पानी हो गया था.
फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों कैसा लगा? तो वो मुझसे कहने लगी कि उसे झड़ने का इतना मज़ा अपनी पूरी लाईफ में इससे पहले कभी नहीं आया और वो इतना कहकर तुरंत मेरे गले से लिपट गई. फिर मैंने उसके सर पर हाथ घुमाते हुए उससे कहा कि अब में जो भी तुमसे कहूँगा, क्या वो सब तुम करोगी? तो वो कहने लगी कि मेरे जानू तुम्हारे लिए तो मेरी यह जान भी हाज़िर है.
अब मैंने उससे कहा कि ठीक है, में भी देखता हूँ कि तुम मेरे लिए क्या क्या कर सकती हो और फिर मैंने उससे कहा कि तुम अब अपने कपड़े बदल लो और मैंने उसको एक फ्रॉक पहनने के लिए दे दी और ऊपर गुलाबी कलर का टॉप उस फ्रॉक के नीचे मैंने उसको पेंटी पहनने के लिए साफ मना कर दिया, लेकिन ब्रा पहनने दिया और अब उसके बूब्स अलग से ही उभरे हुए लग रहे थे और ऊपर से उसकी वो ब्रा भी बहुत टाईट थी, जिसकी वजह से वो बहुत हॉट सेक्सी नजर आ रही थी.
फिर मैंने उससे कहा कि क्या में तुझे चोद सकता हूँ? तभी वो तुरंत मुझे कहती है कि में यहाँ पर तुमसे चुदने ही तो आई हूँ और फिर मैंने उसको कहा कि पहले तू मेरा लंड खड़ा तो कर दे. अब वो मुझसे कहने लगी कि जो हुकुम मेरे राजा और फिर उसने मेरा लंड मेरी पेंट से बाहर निकाला और हिलाने लगी.
तभी कुछ देर बाद धीरे धीरे मेरा भी लंड खड़ा हो गया और वो अपने आकार में आकर पूरा 6 इंच का लंबा हो गया तो वो मेरे लंड को चूसने लगी और उसको लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था, वो उस समय पूरे जोश में आकर पागलों की तरह मेरा लंड चूस रही थी और मैंने भी बहुत मज़े लेकर अपने लंड को लगातार जोरदार धक्के देकर उसके मुहं को चोदा.
फिर थोड़ी देर बाद मैंने उससे खड़े होने के लिए कहा और कहा कि तू मेरे ठीक सामने की तरफ रहना. तब उसने मुझसे कहा कि क्या में स्कर्ट उतार दूँ, तो मैंने कहा कि नहीं में तुझे ऐसे ही चोदूंगा. अब मैंने उसकी स्कर्ट को हल्की सी ऊपर किया और लंड को चूत में एक ही झटके में पूरा अंदर डाल दिया, वो मुझसे लिपट गई और बोली कि प्लीज थोड़ा आराम से कर.
फिर मैंने उससे कहा कि मुझे ऐसे ही करना है और अब में उसको लगातार ज़ोर ज़ोर से झटके देने लगा था और में उसके बिना पैर उठाए और उसको लगातार जोरदार धक्के देकर चोदने लग गया और एक बार में अपना पूरा लंड अंदर ले जाता और उसके बाद वापस बाहर निकालकर फिर से पूरा अंदर डाल देता, जिसकी वजह से उसको बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन वो भी मेरे साथ साथ बहुत मज़े लेकर मुझसे चुद रही थी, आअहहहह उईईईईईई हाँ चोदो मुझे हाँ और ज़ोर से चोदो मुझे, आज से में तेरी ही रंडी हूँ, हाँ बस ऐसे ही चोदता रह अपने बड़े लंड से आआहह हहाआह और में उसकी चुदाई करने के साथ साथ उसके बड़े आकार के मुलायम बूब्स भी दबा रहा था.
फिर मैंने उससे कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ बताओ में क्या करूं? तो उसने मुझसे कहा कि तुम मेरे अंदर ही झड़ जाओ और तुम्हारा पूरा वीर्य मेरी प्यासी चूत के अंदर डालकर मुझे आज पूरी तरह से शांत कर दो, उफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से धक्का दो, हाँ पूरा अंदर तक जाने दो उफ्फ्फ्फ़ वाह मज़ा आ गया, तुम बहुत अच्छी चुदाई करते हो, में अब हमेशा तुम से ही अपनी चुदाई करवाउंगी, आह्ह्ह्ह वाह उह्ह्हह्ह.
दोस्तों मैंने अब महसूस किया कि अब वो भी चीखती चिल्लाती हुई झड़ गई और वो अपनी चूत का पानी छोड़ते हुए धीरे धीरे बिल्कुल निढाल होने लगी थी और फिर मैंने भी उसके साथ अपना सारा वीर्य उसकी चूत में निकाल दिया. तब उसने मुझे कहा कि तेरा माल मेरी चूत में अंदर तक पड़ा है, जिसका बहुत दबाव था और में उसे अब भी महसूस कर रही हूँ, तुमने आज मुझे चोदकर मेरी चूत को पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है और तुम्हें चुदाई करने का बहुत अच्छा अनुभव है, तुम्हारे साथ चुदाई करके मुझे आज जो मज़ा आया है, उसके लिए में कब से तरस रही थी.
फिर कुछ देर बाद उसने मेरा लंड चाट चाटकर पूरा साफ कर दिया और उसके बाद मैंने उससे कहा कि ऐसे ही रहना और वो शाम होने तक मेरे साथ ऐसे ही नंगी रही. फिर उसके बाद हम दोनों उठकर बाथरूम में जाकर नहाने चले गए. फिर कुछ देर वहां पर भी मज़े मस्ती करने के बाद हम बाहर आ गए और शाम को तैयार होकर हम दोनों बाहर शोपिंग करने चले गये. हमे वहां पर भी बहुत मज़े मस्ती करने के बाद वापस घर पर आ गए और हमारी मस्ती उन चार दिनों तक लगातार ऐसे ही चलती थी.
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