साथ निभाना मेरे साथिया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शिवम है और मेरी उम्र 19 साल है. मैंने अब तक बहुत सारी कहानी पढ़ी है और मुझे वो सभी कहानियाँ बहुत अच्छी भी लगी, उनको पढ़कर मुझे बड़ा मज़ा आया, इसलिए में सबसे पहले उन सभी लिखने वालों को बहुत बहुत धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने मेरे और साथ में आप सभी के मज़े के लिए इतनी अच्छी कहानियाँ लिखकर भेजी. दोस्तों इन कहानियों को पढ़ते हुए एक दिन मेरा भी दिल हुआ मेरे भी मन में एक विचार आया कि क्यों ना में भी अपनी एक कहानी लिखूं? हो सकता है कि मेरी तरह आप लोगों को भी मेरी कहानी वो सच्ची घटना जिसको में आज भी नहीं भुला सका, वो आपको पसंद आ जाए.
दोस्तों यह जो कहानी में आप लोगों को आज सुनाने वाला हूँ, यह कोई कहानी नहीं मेरे जीवन की एक सच्ची घटना है, जो कुछ साल पहले हमारे साथ घटित हुई और इसने मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड के पूरे जीवन को उस रात के बाद बिल्कुल बदलकर रख दिया और पहले हम यह बात किसी को बताने से डरते थे, लेकिन मैंने थोड़ी हिम्मत करके इसको आपके सामने लाने के बारे में विचार किया और आज वो आपके सामने है. दोस्तों अब में ज़्यादा कुछ ना बोलते हुए वो कहानी शुरू करता हूँ.
दोस्तों मेरी एक बहुत ही प्यारी सी दोस्त है, जिसका नाम सोनिया है और हम दोनों एक ही क्लास में पढ़ते है, वो मेरी सबसे अच्छी और सबसे प्यारी दोस्त है, वो मुझसे अपनी सारी बातें और हर एक समस्या बताती है, चाहे वो कोई भी समस्या हो वो मुझे बताती है और में भी अपनी सारी समस्याएं उसको बताता हूँ, हम दोनों एक दूसरे से बहुत खुले है, वो मुझसे एक साल छोटी है, मतलब उसकी उम्र 18 साल है और हम दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते है, इसलिए हम दोनों अपना ज्यादातर समय एक दूसरे के साथ में बिताते थे.
एक दिन हम दोनों घूमने के लिए एक पार्क में चले गये, वो पार्क हम लोगों के घर के बहुत ज्यादा दूरी पर था, लेकिन वो पार्क बहुत अच्छा था और वहां पर बहुत शांति थी, इसलिए हम लोग वहाँ पर गये थे और वैसे वहाँ पर जाने के लिए हर कभी बस भी मिल जाती है, हम लोग वहां पर शाम को गये थे और फिर कुछ देर घूमने के बाद हम दोनों वहाँ पर बने एक रेस्टोरेंट में चले गये, जो उस पार्क से कुछ कदम की दूरी पर ही था, वहाँ पर जाकर हम दोनों ने नाश्ता किया और कॉफी भी पी. उसके कुछ देर बाद हम दोनों घर जाने के लिए बस का इंतज़ार करने लगे, लेकिन बहुत देर तक इंतज़ार करने के बाद भी कोई बस नहीं आई.
अब धीरे धीरे रात होने लगी थी और हम दोनों ने सोचा कि अब क्या किया जाए? तभी हमने देखा कि एक बस बहुत तेज़ी से हमारी तरफ आ रही है. मैंने उस बस को रुकने का इशारा किया और बस के रुकने पर हम दोनों बस में चड़ गये. फिर मैंने बस के अंदर जाकर देखा तो उस समय उस बस में हम दोनों के अलावा दस आदमी और ड्राईवर था और फिर हम दोनों एक खाली सीट देखकर उस पर बैठ गए और बातें करने लगे.
कुछ देर बाद मैंने बाहर झांककर देखा कि वो लोग हमे कुछ देर बाद ना जाने कौन से एक सुनसान रास्ते पर ले गए और थोड़ी दूरी तय करने के बाद उन्होंने हमें जबरदस्ती एक सुनसान मकान में ले जाकर छोड़ दिया. उसके बाद उन्होंने मेरी गर्लफ्रेंड को एकदम जंगली जानवर की तरह चोदा, जिसकी वजह से उसकी चूत फट गई और उसकी चूत से बहुत सारा खून बहने लगा. यह सब देखकर मेरे हाथ पैर फूल गए और अब मेरी गर्लफ्रेंड कुछ देर बाद बिल्कुल निढाल हो गई. उसके बाद वो बेहोश हो गई. फिर मैंने उन्हें बहुत बार मना किया, तभी उनमें से एक आदमी बोला अब तू हमारे लंड को शांत कर तब हम इस लड़की को छोड़ देंगे.
फिर मैंने बिना सोचे समझे उनसे हाँ कह दिया और फिर उन्होंने मेरी गांड और मुहं में अपना लंड डालकर उन्होंने अपना अपना लंड शांत किया और उसके बाद वो सभी थककर सो गए और हम दोनों एक कमरे में चले गए. उसके बाद में बाथरूम में चला गया और वहां से बाहर निकलकर वापस नंगा ही में अपनी दोस्त के सामने जाकर खड़ा हो गया. अब वो मेरे तने हुए लंड को देख रही थी और अपनी चूत को दबा रही थी, लेकिन अचानक उसने अपना हाथ एक झटके के साथ चूत से हटा लिया, क्योंकि चूत को दबाने पर उसे दर्द हो रहा था, लेकिन उसको इसका कारण समझ में नहीं आया. फिर मैंने कपड़े पहने और सोनिया के पास बैठ गया, सोनिया को पता था कि मेरा लंड अभी भी भूखा है, इसलिए उसने मेरी पेंट की चेन को खोल दिया और वो मेरे लंड को बाहर निकालकर चूसने लगी.
फिर मैंने उससे पूछा कि तुम यह क्या कर रही हो सोनिया? तो उसने कहा कि जब तुम मेरे लिए इतना सब कर सकते हो तो क्या में तुम्हारी खुशी के लिए यह भी नहीं कर सकती और यह कहकर वो वापस मेरे लंड को चूसने लगी, मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा था, इसलिए मैंने उसे मना नहीं किया और में तो पहले से ही बहुत गरम था, इसलिए थोड़ी ही देर बाद में उसके मुहं में झड़ गया और मेरा वीर्य उसके मुहं में भर गया, वो मेरे वीर्य को पी गयी. उसके बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और एक दूसरे से लिपटकर बैठ गए. हमें पूरी रात नींद नहीं आई और में हर बार वो सब सोच रहा था, जो मैंने कुछ देर पहले अपनी आखों के सामने देखा था.
फिर कुछ देर बाद हमने उठकर बाहर की तरफ देखा तो तब तक सुबह हो चुकी थी और हमने वहां से निकलने का पूरा प्लान बना लिया था और हम दोनों वहां से भाग निकले. हमारे बाहर निकलकर थोड़ी दूर चलने पर हमे एक बस मिल गयी, इसलिए हम दोनों उसमें बैठकर हमारे घर के तरफ रवाना हो गए. दोस्तों जैसा कि मैंने पहले ही आप लोगों को बताया था कि सोनिया मुझसे कभी भी अपनी कोई बात नहीं छुपाती है, इसलिए रास्ते में उसने मुझसे कहा कि शिवम मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा है.
दोस्तों यह सब बातें में पहले से ही जानता था, इसलिए मैंने उससे कहा कि घर जाकर इसका इलाज कर देंगे, लेकिन सोनिया खुश नहीं थी, वो सोच रही थी कि उसका तो बलत्कार हुआ है और अब मुझसे कौन शादी करेगा? यह बात आख़िर में उसने कुछ देर बाद मुझे भी बता ही दी. फिर मैंने उससे कहा कि सोनिया में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, इसलिए में ही अब तुमसे शादी भी करूँगा, में कभी भी तुमसे तुम्हारे इस बलत्कार के बारे में कोई भी बात नहीं करूँगा और तुम भी घर पर जाकर किसी को मत बताना.
दोस्तों उसके घर पर अभी केवल उसकी बूढ़ी दादी और बूढ़े दादाजी थे और मेरे घर में तो अभी कोई भी नहीं था, क्योंकि मेरे घर के सभी लोग किसी रिश्तेदार की शादी में गए हुए थे. अब सोनिया ने मुझसे कहा कि हाँ ठीक है में बताउंगी तो किसी को नहीं, लेकिन मेरी इस चूत के दर्द का क्या होगा और बलत्कार की वजह से में तो अब गर्भवती हो जाउंगी और उसके बाद सबको पता चल जाएगा. फिर मैंने उससे कहा कि तुम इस बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो, तुम रोज़ सुबह नहाने के बाद पढ़ने के बहाने से मेरे घर पर आ जाना.
में तुम्हारी चूत को गरम पानी से सेक दूँगा और मालिश भी कर दूँगा, इससे तुम्हारी चूत ठीक हो जाएगी और रही बात तुम्हारे गर्भवती होने की तो तुम इसकी भी चिंता मत करो, तुम्हारी चूत के ठीक हो जाने के बाद में किसी दूसरे शहर के अच्छे डॉक्टर से तुम्हारा गर्भपात करवा दूँगा. तब उसने मुझसे कहा कि अगर डॉक्टर ने हमसे यह पूछा कि में गर्भवती कैसे हुई तो हम क्या कहेंगे? तो मैंने उससे कहा कि में बोल दूँगा कि हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते है और मैंने ही इससे शारीरिक संबंध बनाया था, इसलिए यह गर्भवती हो गयी है और फिर वो मेरी बातें सुनकर बहुत खुश हुई और हम लोग घर पहुँच गये.
फिर सबसे पहले मैंने सोनिया को उसके घर तक पहुँचाया और उसके दादाजी ने मुझसे पूछा कि तुम दोनों रातभर कहाँ थे? मैंने कहा कि हमे रात बहुत हो गई थी, इसलिए हम दोनों सोनिया की एक सहेली के घर पर रुक गये थे. आप लोग सोनिया को कुछ मत बोलिएगा, वो मेरे कहने पर ही अपनी सहेली के घर गयी थी. फिर उसके दादाजी ने कहा कि हाँ ठीक है तुमने अच्छा ही किया और अब सोनिया घर में जाकर सबसे पहले नहाने के लिए बाथरूम में गई, वहाँ पर अपने कपड़े उतारने के बाद जब उसने अपनी चूत को देखा तो वो एकदम से डर गई, क्योंकि उसकी चूत उस जबरदस्ती की चुदाई से बहुत सूज़ गई थी और उस पर कुछ खून के दाग भी लगे हुए थे और वो अब समझ गयी कि उसके बेहोश हो जाने के बाद भी उसको बहुत बुरी तरह से चोदा गया था, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि उसको कितने आदमियों ने मिलकर चोदा था?
उसने अब यह बात अपने मन में सोच ली कि जब में शिवम से मिलूंगी तो उससे सारी बातें पूछ लूंगी. फिर वो नहाने के बाद बाथरूम से बाहर निकली और तैयार होकर उसने थोड़ा सा नाश्ता किया और फिर वो मेरे घर पर अपने दादाजी से यह कहकर आ गई कि में शिवम के साथ पढ़ाई करूँगी. दोस्तों उसके दादाजी मुझे बहुत अच्छा लड़का मानते थे और वो मुझे बहुत प्यार भी करते थे, इसलिए उन्होंने सोनिया को तुरंत मेरे घर पर आने की आज्ञा दे दी.
उसके बाद वो बहुत खुश होकर मेरे घर पर अपने साथ एक किताब के साथ पहुँच गयी. दोस्तों उसने सबसे पहले मेरे पास आकर मुझसे यह पूछा कि कल रात को जब में बेहोश हो गई थी, तब मुझे कितने आदमियों ने चोदा था? मुझे यह बात एकदम सच सच बताओ तुम्हें मेरी कसम.
फिर मैंने उससे पूछा कि यह बात तुम मुझसे क्यों पूछ रही हो, पहले तुम मुझे यह बात बताओ? तो उसने कहा कि मैंने अपनी चूत को हाथ लगाकर नीचे बैठकर बहुत ध्यान से देखा है और इसकी इतनी खराब हालत को देखकर मुझे ऐसा लगता है कि जैसे इससे बहुत खून बहा था और मुझे बहुत लोगों ने चोदा, लेकिन तुम मुझे पूरी बात वो सच्ची नहीं बता रहे हो बताओ मुझे? तो मैंने उससे कहा कि नहीं ऐसी कोई भी बात नहीं है, हाँ खून तो निकला था, लेकिन ज़्यादा नहीं. दोस्तों मैंने उसे जानबूझ कर सच नहीं बताया. मैंने उससे कहा कि कल जिस आदमी ने तुमको चोदा था, उसका लंड बहुत मोटा और लंबा था और उसने जानवर की तरह तुम्हें चोदा था, इसलिए तुम्हारी चूत का यह हाल हो गया है, खैर तुम अब उस बारे में इतना मत सोचो.
मैंने गरम पानी कर दिया है, तुम अपने कपड़े उतारकर नंगी होकर बेड पर लेट जाओ. अब उसने मेरे कहने के अनुसार अपने सारे कपड़े मेरे ही सामने उतार दिए और वो पूरी नंगी होकर बेड पर लेट गयी. मैंने तब देखा कि सचमुच उसकी चूत बहुत ज्यादा सूज़ गई थी और में गरम पानी से धीरे धीरे उसकी चूत को सेकने लगा.
कुछ देर सेकने के बाद मैंने थोड़ा सा तेल गरम किया और थोड़ी सा गरम होने के बाद में उस तेल को लेकर बेडरूम में गया. उसके बाद में सोनिया की चूत को अब गरम तेल से धीरे धीरे मालिश करने लगा, जिसकी वजह से उसको बहुत आराम मिल रहा था और धीरे धीरे वो गरम होने लगी थी और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज शिवम तुम मेरे पूरे शरीर की मालिश कर दो, मेरे पूरे शरीर में बहुत दर्द हो रहा है.
फिर उसके कहने पर में उसकी मालिश करने लगा और मुझे भी उसके नंगे गरम बदन की मालिश करने में बहुत मज़ा आ रहा था. कुछ देर तक मालिश करने के बाद मैंने देखा कि उसकी चूत से अब कुछ निकल रहा है और ज्यादा कामुक होने की वजह से अब उसकी चूत का रस बाहर निकल रहा था. मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ को रखकर चाटना शुरू कर दिया और मेरे यह काम करने की वजह से वो और भी ज़्यादा गरम होने लगी और वो मेरी पेंट के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ने लगी. फिर कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा कि प्लीज शिवम आज तुम मुझे चोदो ना प्लीज जब एक अंजान आदमी मुझे चोद सकता है, तब तुम क्यों नहीं? तुम तो मेरे होने वाले पति हो.
फिर मैंने उससे कहा कि अभी तुम कल की चुदाई के उस दर्द को अभी अच्छी तरह से भूली भी नहीं हो और आज फिर से मुझे चुदाई करने की बात कहती हो, यह कभी नहीं हो सकता, पहले तुम पूरी तरह से ठीक हो जाओ और उसके बाद में हर रोज़ तुम्हारी चुदाई जरुर करूंगा, हमारी शादी से पहले में तुम्हें कंडोम लगाकर और शादी होने के बाद कंडोम हटाकर तुम्हारी बहुत जमकर चुदाई करूंगा, लेकिन में अभी किसी भी हालत में तुम्हें नहीं चोद सकता. अब तुम मेरा लंड छोड़ दो और अपने कपड़े पहनकर घर जाकर सो जाओ और थोड़ा सा आराम करो, क्योंकि कल रातभर तुम मेरे साथ सोई नहीं हो, इसलिए अब तुम जाओ.
फिर उसने मुझे किस किया और कहा कि हाँ इसलिए ही तो में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ शिवम, मुझे पहले से ही पता था कि तुम मेरे दर्द को समझकर मुझे दोबारा कोई भी दर्द नहीं होने दे सकते, क्योंकि तुम्हें मेरा पूरा पूरा ख्याल है और तुम भी मुझे बहुत प्यार करते हो. फिर उसने मेरे लंड को एक किस करके छोड़ दिया. उसके बाद उसने अपने कपड़े पहने और घर चली गयी. इस तरह रोज़ उसके पूरे बदन और चूत की मालिश करते करते मुझे पूरे सात दिन बीत गये थे और तब तक उसकी चूत भी पहले से थोड़ी बहुत ठीक हो गई थी.
फिर हम लोगों के प्लान के मुताबिक अब हम लोगों को डॉक्टर के पास जाना था, इसलिए मैंने उसके दादाजी से झूठ कह दिया कि सोनिया का एग्जाम सेंटर कहीं दूसरे शहर में आया है, इसलिए कल हम दोनों उस शहर में इसका पेपर का सेंटर देखने जाएँगे, वो शहर थोड़ा दूरी पर है, इसलिए हमे करीब तीन दिन लगेंगे. फिर उसके दादाजी मेरी बात को सुनकर हमारे जाने की बात के लिए पूरी तरह से सहमत हो गये और उन्होंने सोनिया को मेरे साथ जाने की आज्ञा भी दे दी.
फिर दूसरे दिन हम दोनों एक पास के शहर में चले गये और वहाँ पर हमे कोई नहीं पहचानता था, इसलिए हमारे प्लान के मुताबिक सोनिया का गर्भपात का काम बहुत जल्दी पूरा हो गया. उसमें कोई भी रुकावट नहीं आई और उसके बाद हम दोनों बहुत खुश होकर वापस अपने शहर में आ गये.
दोस्तों अब हर रोज़ सोनिया नहाकर मेरे यहाँ पर आती और में उसको नंगा करके अपने लंड पर कंडोम लगाकर उसकी चुदाई करता था, लेकिन यह काम हमारे बीच सिर्फ़ कुछ ही दिन चला. उसके बाद मेरे परिवार वाले वापस घर आ गये, इसलिए अब में सोनिया को दोबारा चोद नहीं पाता था, लेकिन जब भी मुझे मौका मिलता में सोनिया को उसके घर पर ही चोदता था, क्योंकि वो हमेशा जींस पहनती थी तो मैंने उसको उसके अंदर पेंटी पहनने के लिए मना कर दिया था.
अब जब भी मुझे सोनिया को चोदने का दिल करता तो में उसे पूरा नंगा किए बिना ही चोद देता था. में अपनी पेंट की चेन खोलकर अपने लंड को बाहर निकाल लेता था और उसकी जींस की चेन को खोलकर उसकी चूत में अपना लंड डाल देता था, वो उसमें मेरा हमेशा पूरा पूरा साथ देती थी और चुदाई के खत्म हो जाने के बाद हम दोनों अपनी अपनी पेंट की चेन को बंद कर लेते, इस तरह हमारी चुदाई पूरी हो जाती और हम दोनों इस तरह से एक दूसरे के साथ और उस प्यार से बहुत खुश थे.
Share:

दोस्त की बीवी मेरी जान

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संदीप है और मेरी उम्र 28 साल है. में स्मार्ट और हैंडसम बॉय हूँ और में चंडीगढ़ का रहने वाला हूँ और अभी तक कुंवारा हूँ. में एक फ़ार्मा कंपनी में काम करता हूँ, मेरे पास एक कंप्यूटर ऑपरेटर की जगह खाली थी.
एक दिन बॉस ने एक लड़का भेजा और बोला कि यह तुम्हारे साथ काम करेगा, में उसका नाम गुप्त रखता हूँ क्योंकि अभी भी वो मेरे साथ काम करता है और यह स्टोरी भी पढ़ता है. दरअसल मुझे पार्टियाँ देने का बहुत शौक है और में रोज-रोज किसी ना किसी के साथ शाम को पीने बैठ जाता हूँ. फिर धीरे-धीरे उसके साथ मेरी दोस्ती पक्की होती गई और अब तो हम दोनों रोज़ शाम को बैठने लगे थे.
अब वो जब भी मेरे साथ पी लेता, तो वो अपनी बीवी की बात करता और उसकी तारीफ़ करता रहता था, वो उसके सिवा और कोई बात नहीं करता था और मुझे हमेश बोलता कि में अपनी बीवी से बहुत प्यार करता हूँ और में तुमको अपनी बीवी से एक दिन ज़रूर मिलवाऊंगा, तो में बोलता कि ठीक है एक दिन मिल लेगें, उस वक़्त तक मेरे दिल में ऐसा वैसा कोई ख्याल नहीं था.
फिर एक दिन वो अपनी बीवी को हिमाचल से ले आया और मुझसे बोला कि मेरे घर पर आना, में तुमको उससे मिलवाऊंगा, तो मैंने कहा कि ठीक है. फिर शाम को में उसके घर गया और उसकी बीवी से मिला, मुझे बस उसकी एक चीज़ अच्छी लगी, वो थी उसकी आँखें क्योंकि मैंने उसको ग़लत नज़र से नहीं देखा था और फिर में अपने घर चला गया.
एक दिन शाम को हमारा पीने का प्रोग्राम बना, लेकिन काफ़ी बारिश हो रही थी, तो उसने बोला कि आज मेरे घर पर ही पी लेते है, तो में बोला कि ठीक है चल, मगर तेरी बीवी तो गुस्सा नहीं करेगी ना. फिर वो बोला कि नहीं, तो फिर हम उसके घर पर चले गये. अब अभी हमने तीन-चार पैग ही लगाए थे कि मेरी नज़र सामने गई, तो मैंने देखा कि उसकी बीवी सामने मेरी तरफ पीठ करके खड़ी थी.
फिर मेरी नज़र सीधी उसकी गांड पर गई तो में उसको देखकर पागल हो गया और मेरा लंड एक ही झटके में खड़ा हो गया. फिर मैंने बड़ी मुश्किल से अपने आप पर कंट्रोल किया. फिर मैंने ध्यान से उसका फिगर देखा, उसका फिगर साईज़ 32-30-36 था. उस दिन से मैंने सोच लिया कि में इसको चोद कर ही रहूँगा. फिर मेरा उसके घर रोज़ आना जाना शुरू हो गया और अब धीरे-धीरे वो भी मेरे साथ घुल मिल गई थी. फिर मैंने एक दिन ध्यान से उसकी आँखों में देखा तो में सब समझ गया कि वो भी कुछ चाहती है, लेकिन मेरी उसको बोलने कि हिम्मत नहीं हुई.
फिर एक दिन मैंने उसके घर पर कुछ ज्यादा ही पी ली तो मैंने उस दिन सोच लिया कि आज में उसको पकड़कर बोल ही दूँगा कि में तेरे लिए पागल हो गया हूँ, लेकिन डर भी लगता था, क्योंकि मेरा दोस्त भी मेरे साथ ही होता था.
फिर अचानक से मेरा दोस्त उठकर दूसरे कमरे में चला गया तो वो भी उसके पीछे-पीछे चली गई और उसने एक बार मुड़कर मुझे देखा, उसकी आँखों में काशिश थी.
फिर में जानबूझ कर बोला कि अरे भाभी जी ज़रा टी.वी को देखना, यह ठीक नहीं चल रहा है, तो वो आई और मैंने थोड़ी हिम्मत की और उसको पकड़ लिया और जल्दी से किस कर दिया. फिर वो घबरा गई और जल्दी से अंदर चली गई तो बाद में में भी डर गया कि अब क्या होगा?
फिर वो दोनों अंदर बातें करने लगे. फिर मेरा दोस्त बाहर आया और बोला कि क्या यार तूने अभी तक पैग नहीं बनाया और बस इतना सुनते ही में समझ गया कि अब मेरी बात बन गई है और उस रात मुझे नींद नहीं आई और पूरी रात उसकी सेक्सी गांड के बारे में ही सोचता रहा और मुठ मारकर सो गया.
फिर अगले दिन में ऑफीस से लंच टाईम में अपने दोस्त को ऑफीस में छोड़कर उसके घर पहुँच गया, तो वो मुझको अकेला देखकर घबरा गई और बोली कि आप इस वक़्त, वो कहाँ है? तो मैंने कहा कि वो ऑफीस में है, में तुमसे मिलने आया हूँ.
वो बोली कि क्यों? तो में बोला कि रात की हरकत की वजह से में रात को सो नहीं पाया, में तुमको सॉरी बोलने आया हूँ. फिर वो बोली कि कोई बात नहीं आगे से ध्यान रखना, तो में समझ गया कि यह भी मुझको चाहती है.
फिर मैंने मौका देखकर उसको बोला कि मैंने जब से तुमको देखा है पागल सा हो गया हूँ, मुझे लगता है मुझको तुमसे प्यार हो गया है और फिर मैंने धीरे-धीरे उसके हाथ पकड़ लिए और अपने होंठ उसके होंठो के पास ले गया तो उसने अपनी आँखे बंद कर ली.
अब हम दोनों किसी और ही दुनिया में थे. फिर उसके बाद मैंने धीरे-धीरे उसके सूट को ऊपर किया और उस बीच में मैंने उसके कान में अपनी जीभ डाल दी तो उसके मुँह से आवाज़ निकली आहाआ उम्म्म्मम अहाआा. फिर मैंने उसकी ब्रा के हुक खोल दिए, तो वो बोली कि यह ठीक नहीं है कोई आ जाएगा, ये ग़लत है. फिर मैंने बोला कि प्यार में कुछ भी ग़लत नहीं होता और उसकी बूब्स पर ब्राउन कलर के निप्पल थे.
फिर में उसके निप्पल पर हल्की-हल्की अपनी जीभ फैरने लगा, तो वो मस्त होने लगी और मेरे सिर को पकड़कर अपने बूब्स के और पास में करने लगी. अब उसके मुँह से आवाज़ आ रही धी उम्म्म्मम अहह दोनों को चूसो, तुम तो एक पर ही लगे हो. अब यह सुनते ही में पागल हो गया और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम भी इसी दिन का इंतजार कर रही थी?
उसने बोला कि हाँ, लेकिन क्या करती डर लगता था? बस फिर मैंने उसको लेटा दिया और उसके बूब्स चूसने लगा. फिर मैंने उसकी नाभि में अपनी जीभ डाल दी तो वो सिहर उठी जैसे उसको करंट लगा हो. फिर में धीरे-धीरे उसके जिस्म पर कपड़ो के ऊपर से अपनी जीभ फैरता हुआ उसके पैरो के पास पहुँच गया और उसके पैर के अंगूठे को चूसने लगा. अब तो वो बेड पर मचलने लगी थी और में उसके पैरो की उंगलियों पर धीरे-धीरे अपनी जीभ फैरता रहा.
फिर उसके मुँह से आवाजे आती रही आहाआअ ऊहूऊऊ, में पागल हो जाउंगी और यह सब तुमने कहाँ से सीखा है? अब मुझसे रहा नहीं जाता है, जल्दी से मेरे ऊपर आ जाओ. अभी में उठा ही था कि अचानक से मेरा मोबाईल बजा, वो कॉल ऑफीस से थी कि लंच टाईम ख़त्म हो चुका है, तुम कहाँ हो? बॉस बुला रहे है. बस फिर क्या था? मेरा सारा मूड ऑफ हो गया और मैंने उसको बोला कि मुझे जाना होगा.
फिर वो बोली कि मुझे इस हाल में छोड़कर मत जाओ थोड़ी देर और लगेगी, लेकिन में चला आया और उसको बोला कि जल्दबाजी में मज़ा नहीं आएगा और अगर में नहीं गया तो मेरी नौकरी ख़तरे में पड़ सकती है, क्योंकि पहले ही बहुत प्रोब्लम चल रही है.
फिर शाम को जब में अपने दोस्त के साथ उसके घर पर गया, तो वो गुस्से में थी और मेरी तरफ देख भी नहीं रही थी. फिर रोज़ की तरह हम पैग लगाते रहे और बातें करते रहे, लेकिन मेरी नज़र उस पर ही थी, लेकिन वो अभी भी गुस्से में थी और मेरी तरफ देख भी नहीं रही थी.
फिर इतने में मेरा दोस्त बोला कि में बाथरूम जाकर आता हूँ. बस मुझे मौका मिला और मैंने झपट कर उसको पकड़ लिया और पूछा कि क्या हुआ? तो वो कुछ नहीं बोली. तो मैंने बोला कि ठीक है कल में छुट्टी ले लूँगा और इसके जाने के बाद आ जाऊंगा, तो वो चुप रही. फिर मेरा दोस्त आ गया और मैंने उससे बोला कि ठीक है में चलता हूँ. फिर अगले दिन अपने दोस्त के जाने के बाद में उसके घर पर गया तो उसने दरवाजा खोला, वो अभी भी नाराज़ थी.
फिर मैंने उसको हाथ लगाया तो उसने मेरा हाथ दूर कर दिया. में बोला कि अभी तक नाराज़ हो, तो वो बेड पर अपने पैर नीचे लटकाकर बैठ गई और में उसके पैरो में बैठ गया और उसके पैर अपने हाथों में ले लिए और उसके पैर किस किया, वो अभी भी गुस्से में थी.
फिर मैंने उससे सॉरी बोला और कहा कि अगली बार ऐसा नहीं होगा और उसकी सलवार थोड़ी ऊपर की और उसके पैर से लेकर उसकी जांघो को चाटने लगा. अब वो मस्त होने लगी थी और अब उसकी आँखे बंद हो गई थी.
फिर में उठा और उसको बेड पर लेटा दिया और अपने होंठ उसके होंठो से जोड़ दिए और उसके होंठो का रस चूसने लगा. फिर धीरे-धीरे मैंने उसकी कमीज़ उतार दी और अब वो केवल मेरे सामने सलवार में थी और उसने ब्रा नहीं पहनी थी और उसके 32 साईज के बूब्स विद ब्राउन निपल देखते ही मेरा 6 इंच का लंड शेषनाग की तरह फूँकारे मारने लगा और में उसके बूब्स को चूसने लगा. फिर उसने मुझे कसकर अपने सीने से लगा लिया और बोली कि आज मत जाना.
फिर मैंने कहा कि जान तुम्हारे लिए तो मैंने छुट्टी ली है और बस फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींच दिया और अपने पैर से उसकी सलवार नीचे कर दी. अब वो मेरे सामने केवल ब्राउन पेंटी में थी. फिर में उसके बूब्स को चूसते-चूसते नीचे जाने लगा और उसकी नाभि में अपनी जीभ डालकर घुमाने लगा तो उसके मुँह से आवाज़े आने लगी ऊफफफफफफफ्फ़ उूउउम्म्म्मममम, आज मुझे संतुष्ट कर दो प्लीज आहह.
फिर मैंने कहा कि जान चिंता मत करो, तुम देखती जाओ और फिर में और नीचे अपना मुँह ले गया और उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर अपनी जीभ फैरने लगा.
फिर वो बोली कि ये क्या कर रहे? तो मैंने कहा कि मधुशाला का रस पी रहा हूँ और इसी के साथ मैंने उसकी पेंटी नीचे कर दी, वाह क्या नजारा था? हल्के-हल्के बालों के बीच में उसकी चूत थोड़ा सा मुँह खोले हुए ऐसे लग रही थी जैसे बादलो के बीच चाँद हो. फिर में धीरे-धीरे उसकी चूत को चाटने लगा, तो वो बोली कि आज से पहले मेरी चूत किसी ने नहीं चाटी, बहुत मज़ा आ रहा है, उम्म्म्मममम ऊऊओह और चाटो, उम्म्म आआहहह ऊफफफफ्फ़ और फिर थोड़ी देर के बाद उसकी चूत में से सफेद-सफेद पानी बाहर आने लगा और में उसकी चूत का सारा रस चाट गया.
अब वो पागल हो चुकी थी और बोली कि अब सब्र नहीं होता आ जाओ, तो फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके हाथ में पकड़ा दिया, तो वो धीरे-धीरे मेरे लंड को हिलाने लगी.
फिर में उसके ऊपर आ गया तो उसने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत में डालने लगी तो में थोड़ा पीछे हो गया और उसको तड़पाने लगा. फिर उसने कहा कि अब डाल भी दो, तो फिर मैंने एक ही झटके में अपना लंड पूरा का पूरा उसकी चूत में डाल दिया, तो उसके मुँह से आआआहह निकल गया.
फिर मैंने अपने धक्के लगाने शुरू किए तो उसने अपनी टांगे ऊपर उठा ली और मेरा थोड़ा लंड उसकी चूत के अंदर हो गया. अब उसके बूब्स मेरे सामने उछल रहे थे और वो नीचे से मेरा पूरा साथ दे रही थी.
फिर थोड़ी देर के बाद में नीचे आ गया और उसको ऊपर अपने लंड पर बैठा लिया, वो ऊपर नीचे होने लगी और उसने अपने बाल खोल दिए और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगी और आआआआअ उूउउ आ आ आ आ आ ऊऊऊओ मज़ा आ रहा है करने लगी. फिर थोड़ी देर तक करने के बाद वो बोली कि में थक गई, तो में बोला कि ठीक है तुम अब डॉगी स्टाइल में आ जाओ. फिर में डॉगी स्टाइल में उसकी चुदाई करने लगा.
फिर वो बोली कि तुम तो बहुत स्टाइल अपनाते हो, मेरा पति तो शराब पीकर सो जाता है और कभी करना भी होता है तो 5 मिनट में करके सो जाता है और में प्यासी ही रह जाती हूँ. फिर मैंने कहा कि जान आज में तुम्हारी प्यास बुझा दूँगा, ओके.
फिर वो बोली कि ज़रा ज़ोर से करो मेरा पानी आने वाला है, तो मैंने कहा कि ठीक है तुम सीधी लेट जाओ और में फिर से उसके ऊपर आ गया और उसने अपनी दोनों टांगे उठा ली और मैंने अपना गीला लंड उसकी चूत में डाल दिया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा.
फिर थोड़ी देर के बाद उसका पानी निकल गया और वो बोली कि में तो आज संतुष्ट हो गई और इतना बोलते ही मेरे लंड से फिर एक पिचकारी निकली और उसके पेट पर और बूब्स पर जा गिरी और इसी के साथ में उसके ऊपर लेट गया और उसके लिप्स चूसने लगा. फिर वो बोली कि थैंक यू बस इसी तरह मुझसे प्यार करते रहना. फिर में उठा और उसकी चूत पर किस किया और बोला कि ठीक है जान, आज से तुम मेरी जान हो और में तुमको जान ही बोलूँगा.
Share:

वो मस्त मंदाकिनी थी

हेल्लो दोस्तों, आज भी सभी लड़को को वो दिन याद है जब राज कपूर की “राम तेरी गंगा मैली” फिल्म थियेटर में लगी थी और कई कुंवारे लड़को ने मंदाकिनी को सफेद पतले झिल्लीदार कपड़े में नहाते हुए देखा था, तो कई लड़को ने उसकी रस से भरी जवानी पर मदहोश होते हुए घर आकर रात में उसको अपने सपनों में लाकर तरह तरह से चोदा था और उन्होंने अपने अपने तरीके से उसके साथ सुहागरात मनाई थी.
दोस्तों कई लड़के तो उस पर इतने फिदा हो गए कि वो उसके बड़े बड़े बूब्स के दर्शन पाकर अपने लंड को संभाल नहीं पाए और उसकी शराब सी नशीली आँखों और मस्त अंगूरी बदन के गदराए शरीर के बाद उसके भीगे हुए बड़े आकार के गोरे आधा आधा किलो भारी बूब्स को देखकर फिल्म थियेटर में ही अपनी पेंट में खड़े हुए लंड को बाहर लाकर उसको हस्तमैथुन करके शांत हो सके उनके मन में यह सभी विचार आने लगे थे.
दोस्तों वैसे मैंने भी उस फिल्म को कई बार देखा सिर्फ़ मंदाकिनी की गोरे बूब्स की खातिर. दोस्तों मर्द को सबसे पहले औरत का गोरा सेक्सी जिस्म और उसकी जांघे भरी भरे हुए बूब्स और मस्त गोल साड़ी के नीचे से झांकती गोल गहरी नाभि अपनी तरफ आकर्षित करती है उस वजह से हर एक मर्द इस पर ही मर मिटता है और वो जी भरकर उस औरत को चोदना चाहता है.
दोस्तों इस फिल्म को देखने के बाद मेरा भी पहाड़ पर घूमने जाना हुआ और में अपने एक रिश्तेदार के पास अपने किसी काम से कुछ दिनों ले लिए गया था और वहाँ एक दिन मुझे घूमते हुए बाजार में एक शादीशुदा गोरी मस्त जवान औरत दिख गई.
उस समय वो बाज़ार में सामान लेने आई थी. मुझे आज भी वो दिन याद आता है क्योंकि वो ऊपर से लेकर नीचे तक एकदम मंदाकिनी की तरह सुंदर दिखती थी, जिसको पहली बार देखकर में बहुत ज्यादा आशचर्यचकित हो गया और मुझे अपनी नजर पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं था और फिर उसको कुछ देर घूरकर देखते ही होश में आकर मेरे दिल ने मुझसे कहा कि इस चंचल जवानी के समुंदर में मुझे ज़रूर डूबना है, मुझे वो पूरे मज़े लेने है, क्योंकि उसके बड़े बड़े बूब्स और पीछे से भरे हुये चूतड़ उसके कपड़ो के अंदर से उसकी गांड की सुंदरता को बता रहे थे.
उसके दर्शन करते ही मेरे मुहं में पानी भर आया और मेरी लार टपकने लगी और लंड खड़ा होकर उसकी चूत को सलामी देते हुए अपना पानी छोड़ने लगा. आसपास के देखने वाले सभी लड़के उसके ऊपर ही लाइन मार रहे थे और इन सभी बातों से बिल्कुल बेख़बर होकर सामान ले रही थी और हर कोई उसकी चूत, गांड बूब्स को देखने के लिए उतावले नज़र आए.
फिर मैंने भी अपने मन में उसका पीछा करने की बात सोची और में उसके पीछे पीछे पहाड़ के ऊपर उसके घर की तरफ चल पड़ा. थोड़ी दूर पीछा करने के बाद मैंने उसके करीब जाकर हिम्मत करके उसको आवाज़ देकर रोका अरे सुनिए एक मिनट, तो मैंने उसके मुहं से क्या है? शब्द सुना. मैंने उसके मुहं से यह सवाल सुना तो मुझे बड़ा अच्छा लगा, क्योंकि मैंने मन ही मन में सोचा कि चलो मैंने पहली बार उसकी एकदम सुरीली कोयल जैसी आवाज़ को सुनी, जैसी वो सुंदर थी ठीक वैसी ही उसकी आवाज. दोस्तों कुल मिलाकर वो ऊपर से लेकर किसी परी की तरह सुंदर थी, उसमे कहीं भी कोई कमी ना थी.
फिर मैंने उससे कहा कि आप मुझे बड़ी अच्छी लग रही हो और में आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ. मेरी बात को सुनकर वो हंस पड़ी और पूछने लगी क्या में इतनी सुंदर हूँ? तो मैंने उससे कहा कि हाँ तुम्हे शायद अब तक किसी ने बताया नहीं होगा, लेकिन तुम बहुत सुंदर हो, क्या में आपका नाम जान सकता हूँ? तभी उसने मुझसे कहा कि मेरा नाम कविता है और अब मैंने उससे कहा कि आप कविता जितनी ही सुंदर भी हो और में आपका दोस्त बनना चाहता हूँ, वो बोली में यहाँ पर घर में बिल्कुल अकेली रहती हूँ, क्योंकि मेरा पति बाहर काम करता है, वैसे तुम चेहरे और बोल-चाल से इस जगह के नहीं लगते, क्या तुम कहीं बाहर से आए हो?
तब मैंने कहा कि हाँ में दिल्ली से हूँ, लेकिन मैंने अब तक तुम्हारे जैसी कोई सुंदर नहीं देखी, में तुम्हे मन ही मन में पक्का निर्णय करके तुमसे प्यार करने लगा हूँ और तुम मुझे पहली बार में ही बहुत अच्छी लगने लगी हो, लेकिन थोड़ा डर झिझक जरुर है. अब वो मेरी बातें सुनकर हंस पड़ी और बोली कि प्यार भी करना है और फिर डरते भी हो, तुम कैसे मर्द हो? आओ हम घर चले और में उसके साथ उसके घर पर पहुँच गया. उसने मुझसे बैठने के लिए कहा और अब वो मुझसे पूछने लगी कि क्या तुम चाय पियोगे?
मैंने कहा कि हाँ अगर आप प्यार से मुझे लाकर दे तो में आपके हाथ से जहर भी पी लूँगा. दोस्तों असल में तो मेरा मन जब से मैंने उसको देखा था तब से ही उसके बड़े बड़े आकार के बूब्स से उसका दूध पीने का हो रहा था, जिनको में अपनी लालच भी नजरों से देखने लगा. फिर कुछ ही देर बाद वो मेरे लिए चाय बनाकर ले आई और मैंने चाय को देखते ही कहा कि यह तो काली चाय है इसमे दूध कहाँ है? वो मुझे अपने ब्लाउज की तरफ अपनी आखों से इशारा करके मुस्कुराते हुए कहने लगी कि दूध तो यहाँ है, लेकिन वो आपको खुद ही निकलना पड़ेगा और आप जितना पीते हो निकाल लो.
दोस्तों उसके मुहं से यह जवाब सुनकर मैंने मन ही मन बहुत खुश होते हुए उससे कहा कि फिर अब इस चाय की क्या ज़रूरत है? में तो बस दूध पीकर ही अपना काम चला लूँगा और यह बात कहकर मैंने तुरंत उसका एक हाथ पकड़कर एक झटका देकर अपनी बाहों में खींच लिया. उसके उभरे हुए बूब्स मेरी छाती से बिल्कुल सट गए, वो बहुत मुलायम थे और फिर में उसको गोद में उठाकर उसके बेडरूम में ले गया जहाँ लाकर मैंने उसको आराम से बिस्तर पर लेटा दिया और वो थोड़ा सा शरमा रही थी.
मैंने उससे कहा कि आप मुझे एकदम राज कपूर की फिल्म “राम तेरी गंगा मैली” की अदाकारा मंदाकिनी जैसी लगती हो, में अब आपको मंदाकिनी ही कहकर बुलाऊंगा. अब वो मेरी बातें सुनकर हँसने लगी और बोली कि अब आप बातें ही करोगे या उसके आगे कुछ और भी करोगे नहीं तो फिर कोई आ जाएगा, जल्दी से आप अपनी और मेरी प्यास को बुझा दो, में बहुत समय से प्यासी हूँ और इस आग में जल रही हूँ. फिर में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ, क्योंकि वो आग हम दोनों में बराबर लगी थी और उसकी बातों से मुझे सब कुछ समझ में आ गया. में उसके पास आराम से लेट गया और उसके गुलाबी नरम होंठो को अपने होंठो में दबाकर चूसने लगा और साथ ही अपनी जीभ से उसकी जीभ के बीच युद्ध करने लगा.
उसकी आँखों में अब एक अजीब सा नशा चड़ रहा था और साथ ही मेरा लंड भी अब तनकर कुतुब मीनार हुआ जा रहा था. अब मैंने महसूस किया कि उसकी खुशबूदार साँसे धीरे धीरे गरम हो रही थी और में उसको पाकर मस्त हुआ जा रहा था.
मैंने धीरे धीरे से उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके भरे हुए बूब्स को सहलाना शुरू किया और उसके बाद मैंने ब्लाउज के बटन को खोलकर उसको उतारकर दूर फेंक दिया. अब में उसकी ब्रा के ऊपर से बूब्स को दबाते हुए अपने हल्के हाथों से मसाज करने लगा.
फिर क्या था? वो भी मस्त होकर मेरा साथ देने लगी और अब मैंने महसूस किया कि उसके अंदर की आग दोबारा जल उठी थी, उसके कुछ देर बाद मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया जिसकी वजह से उसके बड़े आकार के बूब्स अब ठीक मेरे सामने आ गए तो में बिल्कुल पागल होकर उन पर टूट पड़ा और में उसके हल्के भूरे रंग के निप्पल को अपने होंठो से छूकर तुरंत अपने मुहं लेकर उनको चूसने लगा और दूसरे हाथ से उसके बूब्स को सहलाता रहा और दबाता रहा.
फिर कुछ देर बाद मैंने अपना एक हाथ उसकी गर्दन के नीचे से डालकर उसके एक बूब्स को पकड़ लिया और अब अपना मुहं दोबारा निप्पल पर लगाकर किसी छोटे बच्चे की तरग उसके बूब्स को चूसने लगा और वो जोश में आकर आहहह्ह्ह ऊऊफ्फ्फ करने लगी.
मेरा एक हाथ तो उसकी गर्दन के नीचे से उसके एक बूब्स पर था और मेरे मुहं में उसके दूसरे बूब्स का निप्पल भरा हुआ था. में उसको बहुत अच्छे से चूस रहा था. मेरा एक हाथ खाली था जिसको मैंने धीरे धीरे नीचे करके उसकी चुदाई के लिए व्याकुल चूत तक पहुंचा दिया और उसकी दोनों फांको को अलग करके बीच में चूत के सिंघाड़े को अपनी दोनों उंगलियों से सहलाना उसको रगड़ना शुरू किया, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से गरम होकर सिसकियाँ लेने लगी और में अब तक उसकी इस बैचेनी का मतलब साफ साफ समझ चुका था.
दोस्तों में उसको कुछ देर तड़पाना चाहता था, क्योंकि गरम लोहे पर चोट देने का मज़ा सबसे अलग होता है और मैंने ठीक वैसा ही किया, वो मचलती रही और में उसके मज़े लेता रहा, लेकिन कुछ देर बाद वो मुझसे कहने लगी कि यह सब तुम क्या कर रहे हो, प्लीज थोड़ा जल्दी करो में पागल हो जाउंगी मुझे ना जाने क्या हो रहा है और तुम मुझे तरसा रहे हो.
फिर उसकी यह बात सुनकर मैंने कुछ देर बाद उसका पेटिकोट का नाड़ा खोलकर ढीला करके पेटिकोट को उतारकर बाहर फेंक दिया, जिसकी वजह से मुझे उसकी मोटी गोरी गोरी जांघे अपने सामने दिखाई देने लगी थी और जिसके बीच गुलाबी कलर की उसकी चूत और हल्के काले काले बाल, उसकी वो घुंघराली झांटे बहुत सुंदर नज़ारा बना रही थी.
फिर दोनों जांघो को दबा दबाकर मैंने उसकी गुलाबी चूत के ऊपर के दोनों काले पंखो को गुलाब की पंखुड़ियों की तरह अलग अलग किया और उसकी चूत के ऊपर झुककर मैंने अपनी जीभ की ढेर सारी लार को टपकाकर उसको गीला किया और फिर अपनी जीभ से में साँप की तरह लपलपाता हुआ उसकी चूत को चाटने लगा जिससे उसके पूरे जिस्म में एक अजीब सा करंट लगने लगा वो अह्ह्ह्हह हहुउऊउउ ऊऊहह करने लगी और में लगातार अपनी जीभ को उसके दोनों पैरों को फैलाकर चूत के पूरा अंदर तक डालकर चूसता चाटता रहा और वो अपने कूल्हों को नीचे से ऊपर उठाकर जीभ को अंदर तक डलवाने लगी और में चाटता रहा.
फिर कुछ देर बाद उसने भी मेरी पेंट को खोलकर मेरे लंड को बाहर निकालकर अपने मुहं में लेकर चूसने की अपनी इच्छा मुझे जताई तो मैंने उसको अपने ऊपर उल्टा लेट जाने के लिए कहा ताकि में उसकी चूत को चाट सकूँ और वो उसकी गांड के दर्शन भी कर सकूँ.
फिर वो तुरंत मेरे ऊपर उल्टी लेट गई और फिर मेरे लंड को उसने अपने हाथ में लेकर अपने मुहं की गहराई में उतार लिया. उसकी जीभ अब मेरे गुलाबी रंग के टोपे को चाट रही थी और मेरा लंड लगातार उसके मुहं के अंदर बाहर हो रहा था. उसकी जीभ मेरे लंड को बहुत अच्छे से चाट और चूस रही थी और उसके ऐसा करने से लंड तनकर कुतुब मीनार बना चुका था और अब झटके देने लगा था.
में भी नीचे लेटकर उसकी चूत के अंदर बाहर अपनी जीभ को डाल रहा था, जिससे उसको बहुत मज़ा मिल रहा था. फिर तभी मैंने अपनी एक उंगली को उसकी गांड में डाल दिया, जिसकी वजह से अब उसको दुगना मज़ा मिलने लगा था. अब वो लंड को अपने मुहं से बाहर निकालकर बोली कि अगर तुम्हारा रॉकेट तैयार है तो प्लीज मुझे जल्दी से सैर करवा दो, नहीं तो कोई आ जाएगा.
फिर मैंने उससे कहा कि तुम खुद जल्दी से मेरे लंड पर बैठ जाओ मेरी रानी यह तुमको जन्नत की सैर करा लाएगा. इतना सुनकर वो उठकर मेरे लंड पर अपनी चूत को फैलाकर धीरे धीरे नीचे बैठने लगी और जब लंड पूरा का पूरा चूत में चला गया तब वो ऊपर नीचे होने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी गीली चूत में घपाघप अंदर बाहर होने लगा और उसके कूल्हे ऊपर नीचे होते हुए मेरे पेट पर चिपकने लगे.
मैंने अपना एक हाथ उसके निप्पल पर लगा दिया ताकि चुदाई के साथ साथ में उसकी निप्पल को भी आराम से दबाता रहूँ. फिर करीब 7-8 मिनट तक उसको अपने ऊपर बैठाकर सेक्स करने के बाद मैंने उसको नीचे बिस्तर पर लेटाकर उसकी दोनों जांघो को फैला दिया और फिर उसके ऊपर आकर मैंने अपने लंड को सामने से उसकी चूत में डाल दिया और जब अपने कूल्हों को मैंने धक्के देते हुए आगे पीछे किए तो मेरे जवाब में उसने भी अपनी गांड को नीचे से उठाकर मेरे लंड की तरफ धकेल दिया, जिससे मेरे लंड का धक्का अंदर ज्यादा गहराई तक जा सके.
दोस्तों वैसे उसकी गांड थी बहुत सुंदर तो मैंने कुछ देर धक्के देने के बाद अपने लंड को चूत से बाहर खींचकर उस पर बहुत सारा थूक लगाकर उसकी गांड के छेद पर रख दिया और फिर अपनी पूरी ताक़त से मैंने अपने लंड की एंट्री बहुत प्यार से उस काली गुफा में करवाई जिससे उसके मुहं से थोड़ी दर्द भरी आवाज़ निकली, लेकिन वो मेरा लंड बहुत आराम से गांड में लेकर अहह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊहह आईईईइ हाँ चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो ऊईईईइ वाह मज़ा आ गया हाँ जाने दो पूरा अंदर तक ऊऊफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ पूरा गहराई तक डालो ऊऊहह हाँ मेरी जान य्ाआआ हाँ बस ऐसे ही लगातार चोदो मेरे राजा, तुम्हारा यह लंड मुझे बहुत आराम दे रहा है, शादी के बाद ही हर औरत को लंड की असली कीमत समझ में आती है, में बहुत दिनों से लंड को लेने के लिए तरस रही हूँ, यहाँ पर मेरी चुदाई करने वाला कोई भी नहीं है, हाँ मेरी जान ऐसे ही धक्के देते रहो.
दोस्तों उसकी कामुक चूत के साथ साथ मेरा लंड भी अपने पूरे ज़ोर पर था, इसलिए अंदर बाहर करता रहा और कुछ देर बाद मैंने लंड को उसकी गांड से बाहर निकालकर एक बार फिर से उसकी चूत में डाल दिया और लंड फिसलकर पूरा अंदर जा पहुंचा. अब मेरे धक्कों की वजह से उसके बूब्स बहुत ज़ोर से हिलते हुए नजर आ रहे थे, जिसको देखकर मुझे अजीब मज़ा मिल रहा था और में अपने दोनों हाथ से उसके बड़े बड़े बूब्स को थामे कसकर धक्के देकर संभोग करने लगा था.
फिर मैंने अपने लंड को झड़ने से पहले उसकी चूत से बाहर खींच लिया और वो अपनी जीभ को बाहर निकाल लंड को अपने मुहं में लेने के लिए तैयार होकर बैठ गई. मैंने जिस पर अपने लंड को हिलाकर अपना सारा प्यार का शहद टपका दिया, जिसको उसने चाटकर साफ किया और वीर्य टपकता हुआ उसकी गर्दन से होता हुआ बूब्स तक आ गया, लेकिन उसने कुछ सेकिंड में लंड को चमका दिया और मेरा मुरझाया हुआ लंड हिलाकर चाटने लगी और में उसके दोनों निप्पल को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से निचोड़ने लगा. दोस्तों इस तरह उस मदमस्त हॉट सेक्सी मंदाकिनी के साथ मेरा वो सेक्स हुआ, वो घटना मुझे आज भी बहुत अच्छी तरह से याद है और उस दिन मैंने उसको बहुत जमकर चोदा और उसने भी मेरा पूरा साथ दिया.
Share:
Copyright © देसी सेक्सी कहानिया